हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की लापरवाही कहें या बिल्डरों की मनमानी—सुनहरा मार्ग स्थित द्वारका एक्सटेंशन कॉलोनी में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बहुमंजिला फ्लैट्स का निर्माण धड़ल्ले से जारी है!
देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट...”
यह जो ऊंची-ऊंची इमारतें आप अपनी टीवी स्क्रीन पर देख रहे हैं, यह दृश्य हैं रुड़की के सुनहरा मार्ग पर स्थित ‘द्वारका एक्सटेंशन कॉलोनी’ के। जहां बड़े पैमाने पर रिहायशी फ्लैट्स का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इस भव्यता के पीछे छिपी है नियमों की वो अनदेखी, जो किसी बड़े हादसे या कानूनी संकट को न्योता दे रही है। HRDA और उत्तराखंड भवन निर्माण उप-विधियों के अनुसार, किसी भी बहुमंजिला इमारत के निर्माण में चारों तरफ पर्याप्त ‘साइड सेटबैक’ छोड़ना अनिवार्य होता है।इमारत की ऊंचाई और प्लॉट के आकार के आधार पर कम से कम 3 से 6 मीटर (या उससे अधिक) का साइड सेटबैक छोड़ना आवश्यक है।

यह जगह आपातकालीन परिस्थितियों—जैसे आग लगने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की आवाजाही—और इमारतों में हवा व प्राकृतिक रोशनी के लिए बेहद जरूरी होती है। तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं कि यहां नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। निर्माणाधीन इमारत और पड़ोस के ढांचे के बीच नाममात्र की जगह छोड़ी गई है।

साइड सेटबैक के मानकों का खुलेआम उल्लंघन कर इमारतों को आपस में सटाकर खड़ा किया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या HRDA के अधिकारियों को यह अवैध और नियम-विरुद्ध निर्माण नजर नहीं आ रहा? क्या इस प्रोजेक्ट का नक्शा पास है?

अगर नक्शा पास है, तो क्या निर्माण तय मानकों के अनुसार हो रहा है?और अगर यह अवैध है, तो अब तक एचआरडीए का बुलडोजर या सीलिंग की कार्रवाई इस पर क्यों नहीं हुई? सैकड़ों लोग अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर इन फ्लैट्स में आशियाना खरीदने का सपना देख रहे हैं, लेकिन अगर कल को कोई बड़ा हादसा होता है या प्राधिकरण इस पर कोई सख्त कार्रवाई करता है,

तो इसका खामियाजा सीधे तौर पर आम खरीदारों को भुगतना पड़ेगा।सुनहरा मार्ग पर मानकों को दरकिनार कर खड़ी की जा रही ये इमारतें सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाती हैं।
अब देखना यह होगा कि खबर दिखाए जाने के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण इस पर क्या संज्ञान लेता है और नियम तोड़ने वाले बिल्डरों पर क्या कार्रवाई होती है


