उत्तराखंड में अफसरशाही को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। एक बार फिर धर्मपुर से भाजपा विधायक विनोद चमोली ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के सर्वोच्च नेता हैं और उनकी घोषणाओं के बाद किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं रहनी चाहिए। इसके बावजूद यदि अधिकारी लापरवाही बरतते हैं, तो उनके ऊपर जवाबदेही तय की जानी चाहिए और प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ाई जानी चाहिए। हालांकि विधायक विनोद चमोली ने यह भी कहा कि अधिकारियों की अपनी कुछ व्यावहारिक सीमाएं भी होती हैं। यदि सरकार की ओर से गड्ढा मुक्त सड़क जैसी योजनाओं के लिए अधिकारियों को अधिकार दिए जाते हैं, तो उन्हें उन अधिकारों के अनुरूप काम करने की स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए। कई बार अधिकारियों के हाथ बंधे होने के कारण भी कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। इसलिए व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि जवाबदेही के साथ-साथ अधिकारियों को प्रभावी ढंग से काम करने का उचित अधिकार भी मिले।
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- जल सृष्टि पार्क के लोकार्पण से लौटते समय सीएम धामी ने अचानक रुकवाया काफिला, बच्चों और आमजन के साथ खिंचवाईं सेल्फी
- कुंभ में हरिद्वार के घाटों को मिलेगा हरित स्वरूप
- दुग्गल बिट्टा निरीक्षण भवन पर बांधा ‘रक्षा सूत्र’, कांग्रेस ने छेड़ी संपत्ति बचाओ मुहिम
- हरिपुर घाट पर CM धामी के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस का विरोध, लगाए ‘गो बैक’ के नारे
- गजब , फॉरेस्ट गार्ड की सुपुर्दगी में कटे पेड़ उठाकर ले गए ठेकेदार, सवालों के घेरे मे वन विभाग
- MDDA में एक से बढ़कर एक सुपर हीरो! नटवरलाल भी फेल?
- देवभूमि से PM मोदी का खास रिश्ता, जन्मदिन पर जानिए उत्तराखंड से जुड़े उनके प्रमुख विकास कार्य
- अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि पर 18 सितंबर को गांधी पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान
- फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले में हाईकोर्ट जाएंगे आरटीआई एक्टिविस्ट एडवोकेट विकेश सिंह नेगी, जनहित याचिका दाखिल करने की तैयारी
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 8 दशक पुरानी किशाऊ परियोजना को मिली निर्णायक गति
Saturday, September 19

