उत्तराखंड में अफसरशाही को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। एक बार फिर धर्मपुर से भाजपा विधायक विनोद चमोली ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश के सर्वोच्च नेता हैं और उनकी घोषणाओं के बाद किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं रहनी चाहिए। इसके बावजूद यदि अधिकारी लापरवाही बरतते हैं, तो उनके ऊपर जवाबदेही तय की जानी चाहिए और प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ाई जानी चाहिए। हालांकि विधायक विनोद चमोली ने यह भी कहा कि अधिकारियों की अपनी कुछ व्यावहारिक सीमाएं भी होती हैं। यदि सरकार की ओर से गड्ढा मुक्त सड़क जैसी योजनाओं के लिए अधिकारियों को अधिकार दिए जाते हैं, तो उन्हें उन अधिकारों के अनुरूप काम करने की स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए। कई बार अधिकारियों के हाथ बंधे होने के कारण भी कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। इसलिए व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि जवाबदेही के साथ-साथ अधिकारियों को प्रभावी ढंग से काम करने का उचित अधिकार भी मिले।
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Thursday, July 30

