पूर्व विधायक मनोज रावत का आरोप—सरकारी निरीक्षण भवन निजी हाथों में देने की तैयारी; प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी
रुद्रप्रयाग। लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में दिए जाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने विरोध तेज कर दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ तुंगनाथ घाटी के दुग्गल बिट्टा स्थित लोनिवि निरीक्षण भवन पर रक्षा सूत्र बांधकर सरकारी संपत्तियों की रक्षा का संकल्प लिया। इससे पहले कांग्रेस दुग्गल बिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों को लेकर विरोध दर्ज करा चुकी है। पूर्व विधायक मनोज रावत ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवनों को निजी क्षेत्र को सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उनका दावा है कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवन भी इस प्रक्रिया के दायरे में हैं। इन तीनों भवनों को लेकर कांग्रेस की ओर से ऐसा दावा पहले भी सार्वजनिक रूप से किया गया है। रावत ने ऋषिकेश पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस की निविदा का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। हालांकि उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड में ऋषिकेश पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पुनर्विकास के लिए UIIDB की ओर से PPP के तहत DBFOT आधार पर RFP जारी होना पुष्ट होता है। निविदा 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुई और संशोधित कार्यक्रम के अनुसार बोली जमा करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर है। रावत ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण सरकारी जमीनों को बड़े आतिथ्य प्रोजेक्ट के लिए निजी क्षेत्र को देने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने निविदा की पात्रता शर्तों को लेकर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि ऐसी शर्तों से स्थानीय लोगों और छोटे उद्यमियों की भागीदारी मुश्किल हो सकती है। हालांकि यह कांग्रेस नेता का आरोप है और दुग्गल बिट्टा, फाटा व गुप्तकाशी के संबंध में अंतिम आवंटन या नीलामी की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक निविदा सूची से नहीं होती। UIIDB की मौजूदा सार्वजनिक निविदा सूची में ऋषिकेश पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस का पुनर्विकास जरूर दर्ज है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी ने कहा कि तुंगनाथ की धरती से शुरू किया गया सरकारी संपत्तियों को बचाने का अभियान प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता इस मुद्दे को लेकर आंदोलन में भाग लेंगे।रक्षा सूत्र कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत, नगर पालिका अगस्त्यमुनि के राजेंद्र गोस्वामी, प्रदेश महामंत्री दीपा देवी आर्य, प्रदेश सचिव कुंवर सजवाण, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद राणा व हरीश गुसाईं सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।सरकारी दस्तावेजों से इतना जरूर स्पष्ट है कि पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवनों को PPP मॉडल में विकसित करने की योजना पहले से विचाराधीन रही है। राज्य के एक आधिकारिक दस्तावेज में PWD निरीक्षण भवन के DBFOT-PPP मॉडल के लिए ड्राफ्ट RFP सितंबर 2024 में प्रस्तुत किए जाने और आगे की प्रक्रिया UIIDB द्वारा किए जाने का उल्लेख है। अब राजनीतिक विवाद का मुख्य सवाल यही है कि कौन-कौन से निरीक्षण भवन इस प्रक्रिया में शामिल हैं, उनकी शर्तें क्या होंगी और सरकारी संपत्तियों पर नियंत्रण तथा सार्वजनिक उपयोग की व्यवस्था भविष्य में किस स्वरूप में रहेगी। सरकार और संबंधित विभाग की ओर से इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने से विवाद की तस्वीर और साफ हो सकेगी।

