विकासनगर के शाहपुर-कल्याणपुर गांव में सिंचाई विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सिंचाई की मुख्य नहर पर हुए अवैध कब्जे को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।दरअसल कुछ दिनों से संदिग्ध तत्वों ने नहर में पाइप डालकर ऊपर से अवैध खनन किया और पाइपों को ढककर नहर पर कब्जा जमा लिया था। इससे कई गांवों के सैकड़ों किसानों की खेती प्रभावित होने का खतरा था। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद स्वदेश न्यूज़ ने खबर प्रमुखता से दिखाई, तो विभाग सक्रिय हो गए।खनन विभाग ने मौके पर 4400 टन से अधिक अवैध आरबीएम पाया और 10 लाख 77 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर उप-जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेज दिया। सिंचाई विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आज सिंचाई विभाग के सहायक-अभियंता लोकेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध कब्जा पूरी तरह हटा दिया। इस दौरान चकराता वनप्रभाग रामपुर मंडी की टीम तथा भूतत्त्व एवं खनिकर्म विभाग भी मौके पर मौजूद रहे, ताकि दोबारा कोई अवैध खनन की गतिविधि न हो सके।

उधर सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नहर बड़े कृषि क्षेत्र को सींचती है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुबह से कई गांवों के भारी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और नाराजगी जताई।
बड़ा सवाल यह है कि मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध खनन के माध्यम से कब्जे का प्रयास किया जा रहा था जिसके लिए बकायदा पत्र भी जारी किया गया था लेकिन फिर भी मुकदमा अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखा गया है …

