पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में उगने वाले चीड़ के पेड़ जिनकी पत्तियों से हर साल हजारों हैक्टर बन भूमि आग से जलकर खाक हो जाती है साथ ही पर्यावरण को भारी नुक़सान पहुंचता है पर अब यह चीड़ की पत्तियां वरदान साबित हो रही है साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार का साधन भी बन रही है दर असल अब इस चीड़ के पेड़ की पत्तियों से प्रदूषण रहित कोयला तैयार किया जा रहा है ओर इस कोयले के चूल्हों की लगातार डिमांड बढ़ रही है इस की खाश बात यह है कि इसकी एक टाईम के खाना बनाने की लागत मात्र 8 रुपए है ओर यह पूर्ण रूप से धूंआ रहित है जिसके कारण यह मंहगे एल पी जी गैस सिलेंडर एवं लकड़ी से बनने वाली रसोई का बड़ा विकल्प सावित हो रहा है उत्तरकाशी में एक महीने के भीतर एक हजार से अधिक लोग इसकी खरीदारी कर चुके हैं ओर कही घरों एवं होम स्टे में इसे आग सेंकने के रूप में भी प्रयोग किया जा रहा है साथ ही चीड़ की पत्तियां जिन्हें जंगलों में लगने वाली आग का सबसे बड़ा कारण माना जाता है उसे ग्रामीण जंगलों से कठ्ठा कर 10 रूपए किलो के हिसाब से प्लांट को बेचकर रोजगार भी कमा रहे हैं
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- HRDA द्वारा रूड़की में ओपन एरिया में नक्शा पास कर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है?
- एक तरफ कुंभ के निर्माण कार्य, दूसरी तरफ गंगा में गिरते नाले! प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
- चिन्यालीसौड़ में नागनी छोटी पेयजल योजना अधूरी, 300 परिवारों को अब भी पानी का इंतजार
- सीएम धामी ने महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव की शोभायात्रा में किया प्रतिभाग, पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान
- सीएम धामी ने किया 156 करोड़ की पुल-सुरंग परियोजना का निरीक्षण, जल्द होगा लोकार्पण
- उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर दीपिका राठौड़ का बयान, 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का लगाया आरोप
- उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस के सवाल, VIP को बचाने का आरोप
- उर्मिला सनावर का बड़ा बयान, दुष्यंत गौतम समेत अन्य नेताओं के नार्को टेस्ट की मांग
- ड्रग्स फ्री उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भागीदारी जरूरी: सीएम धामी
- हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कारनामों पर कब लगेगा अंकुश?
Wednesday, October 28

