रुड़की के सलेमपुर सुनहरा मार्ग पर हाईटेंशन लाइन के नीचे बसाई जा रही कथित अवैध कॉलोनी का मामला प्रमुखता से उठाने के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण हरकत में तो आया, लेकिन कार्रवाई पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग ने पूरी कॉलोनी की वैधता पर फैसला लेने या प्लॉटिंग पर रोक लगाने के बजाय केवल एक व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। सवाल यह है कि जब पूरी कॉलोनी खड़ी हो रही थी, तब विभाग कहां था? और अगर निर्माण नियमों के खिलाफ है, तो कार्रवाई सिर्फ एक व्यक्ति पर क्यों?

देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट…यह वही सलेमपुर सुनहरा मार्ग है, जहां हाईटेंशन लाइन के नीचे धड़ल्ले से प्लॉटिंग और निर्माण का मामला हमने प्रमुखता से उठाया था। खबर सामने आने के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण ने एक निर्माणकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में बिना स्वीकृति निर्माण किए जाने का उल्लेख है।लेकिन यहीं से कई बड़े सवाल भी खड़े हो जाते हैं।अगर पूरी कॉलोनी में नियमों की अनदेखी हुई है, तो कार्रवाई केवल एक निर्माण तक ही क्यों सीमित है? क्या बाकी प्लॉट और निर्माण पूरी तरह वैध हैं? यदि नहीं, तो उन पर कार्रवाई कब होगी?सबसे अहम सवाल हाईटेंशन लाइन के नीचे हुई प्लॉटिंग और निर्माण को लेकर है। यदि नियमों के विपरीत किसी भी निर्माण को स्वीकृति मिली है, या किसी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही अथवा मिलीभगत रही है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।एक नोटिस जारी कर विभाग अपनी पीठ जरूर थपथपा सकता है, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि पूरी कॉलोनी के मामले में जवाबदेही किसकी तय होगी। आखिर जब प्लॉटिंग हो रही थी, सड़कें बन रही थीं और निर्माण खड़े हो रहे थे, तब संबंधित विभाग के फील्ड अधिकारी क्या कर रहे थे?अब निगाहें इस बात पर हैं कि HRDA केवल नोटिस जारी करने तक सीमित रहता है या फिर पूरी कॉलोनी की जांच कर अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करता है। क्योंकि सवाल सिर्फ एक मकान का नहीं, बल्कि कानून के समान पालन और आम लोगों की सुरक्षा का है।हम इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि विभाग आगे कोई बड़ी कार्रवाई करता है या अपना पक्ष रखता है, तो उसे भी प्रमुखता से दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा। आखिर कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं।

