कुमाऊं की वादियों, नदियों और जंगलों पर अब बायोमेडिकल वेस्ट का खतरा मंडरा रहा है। सरकारी अस्पतालों की लापरवाही के चलते कई जगहों पर मेडिकल कचरे का सही निस्तारण नहीं हो रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि पहाड़ों के कई सरकारी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं है। वहीं इस मामले में हाई कोर्ट ने भी एक सप्ताह के भीतर सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रिपोर्ट तलब की है।पिथौरागढ़ में खुले में बायोमेडिकल वेस्ट फेंके जाने के मामले के बाद हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। जांच में सामने आया कि नैनीताल, ऊधम सिंह नगर समेत कुमाऊं के कई जिलों में मेडिकल कचरे के निस्तारण में अनियमितताएं हैं। अकेले नैनीताल जिले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 40 से अधिक सरकारी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है।जांच में यह भी सामने आया कि कई अस्पतालों में डीप बरियल व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे बारिश के दौरान भूजल और पेयजल दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2016 के तहत कचरे का अलग-अलग श्रेणियों में पृथक्करण और सुरक्षित निस्तारण अनिवार्य है, लेकिन कई अस्पताल इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, मेडिकल इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ा, खिलाड़ियों के लिए 243 पदों को मंजूरी
- हत्या या आत्महत्या?
- देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, 5-दिवसीय बैंकिंग की मांग प्रमुख
- ऑलवेदर रोड समेत PMGSY की सड़कों की बदहाली पर पालिका सख्त, FIR की चेतावनी
- कुंभ 2027 की तैयारियों पर मुख्य सचिव की नजर, टेंपो ट्रैवल से लिया जायजा
- अपर रोड पर धंसी सड़क, डीएम मयूर दीक्षित बोले- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई..
- देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर भाजपा के आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin नबीन का मुख्यमंत्री धामी ने पंतनगर एयरपोर्ट पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया
- बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले पर बोले सीएम धामी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
- हल्द्वानी में बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू, नितिन नवीन करेंगे संबोधित
- सैन्यधाम के भ्रष्टाचार और मंत्री गणेश जोशी के बयान पर कांग्रेस ने राज्यपाल से मांगा समय
Saturday, September 12

