श्यामपुर में गंगा किनारे कथित अवैध कॉलोनी पर HRDA के ध्वस्तीकरण आदेश के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
हमारी खबर के बाद मामला वायरल हुआ और फिर खबर दबाने के लिए फोन कॉल आने लगे
कॉल रिकॉर्डिंग में आखिर क्या बातचीत हुई और किस तरह खबर को प्रभावित करने की कोशिश है ?
HRDA के आदेश के बाद भी कार्रवाई जमीन पर क्यों नहीं दिख रही—कौन है इस पूरे मामले का जिम्मेदार?
देखिए, श्यामपुर की इस कथित अवैध कॉलोनी का पूरा मामला…
नेपाल में आई भीषण त्रासदी से भी सीख नहीं ले रहा है हरिद्वार प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग?
हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में गंगा किनारे कथित अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को लेकर हमारी खबर के बाद HRDA ने 15 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया था। आदेश में संबंधित पक्ष को 15 दिनों के भीतर अनाधिकृत निर्माण और भू-विन्यास हटाने के निर्देश दिए गए थे। समय-सीमा बीते कई सप्ताह हो चुके हैं, लेकिन अब सवाल यह है कि मौके पर कार्रवाई आखिर क्यों नहीं हुई?HRDA के दस्तावेजों के मुताबिक श्यामपुर कांगड़ी में डिविजन कॉलेज के पास गंगा किनारे करीब 8 से 10 बीघा जमीन पर सड़क बनाकर प्लॉटिंग और निर्माण किया गया। इस अवैध निर्माण को HRDA द्वारा सील कर दिया गया। निरीक्षण में दोबारा काम जारी मिलने के बाद प्राधिकरण ने उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया।लेकिन इसी कार्रवाई के बीच अब एक और गंभीर सवाल सामने आया है। आरोप है कि गंगा किनारे बसाई जा रही इस कथित अवैध कॉलोनी की खबर को पैसे या धमकी के दम पर दबाने का प्रयास किया गया। खबर सामने आने के बाद हमें लगातार कॉल भी आने लगे। कॉल रिकॉर्डिंग में सामने वाला व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है कि “श्यामपुर स्थित गंगा किनारे बसाई जा रही कालोनी के बारे में मिलकर बात करनी है” हम आपको सुनाते है पूरा आडियो …ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर किसके दबाव में इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है?स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि HRDA में इस कथित अवैध कॉलोनी को संरक्षण कौन दे रहा है? और जिस स्वामी टाइप व्यक्ति पर तरह-तरह के अवैध धंधों में संलिप्त होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, क्या उसका इस कॉलोनी से कोई संबंध या हिस्सेदारी है?फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन HRDA का ध्वस्तीकरण आदेश सामने होने के बाद प्रशासन से सीधा सवाल है—आदेश के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?हमारी मुहिम जारी रहेगी, जब तक इस मामले में जमीनीस्तर पर कार्रवाई नहीं होती।

