उत्तराखंड में अवैध प्रतिनियुक्ति के मामले को सबसे पहले हमारे चैनल ने प्रमुखता से उठाया था। खबर में बताया गया था कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों और सिंचाई विभाग के आदेश के बावजूद देवेन्द्र सिंह रावत, शैलेन्द्र सिंह रावत, सुरजीत सिंह रावत और विजय सिंह रावत की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद भी उन्हें मूल विभाग सिंचाई विभाग में वापस नहीं भेजा गया था। हमने सवाल उठाया था कि आखिर मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन क्यों नहीं हो रहा है।अब इस खबर का बड़ा असर हुआ है। आवास विभाग के अधीन मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने शासनादेश के अनुपालन में चारों अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए 30 जून 2026 को उन्हें कार्यमुक्त कर उनके मूल विभाग सिंचाई विभाग में वापस भेज दिया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि चारों अधिकारी अपने मूल विभाग में तत्काल योगदान देना सुनिश्चित करेंगे।




वहीं, इस पूरे मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सचिव आवास ने सहायक अभियंता देवेन्द्र सिंह रावत के कार्यों और उन पर लगे आरोपों की जांच के आदेश भी जारी कर दिए हैं। माना जा रहा है
कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है
यानी जिस अवैध प्रतिनियुक्ति के मामले को सबसे पहले हमारे चैनल ने प्रमुखता से उठाया था, उस पर अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है
चारों अभियंता मूल विभाग में वापस भेज दिए गए हैं और एक अभियंता के कार्यों की जांच भी शुरू हो गई है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच के बाद शासन आगे क्या कार्रवाई करता है।

