उत्तराखंड में मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। RTI में सामने आए आंकड़ों के आधार पर किसान मंच ने कोष के वितरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे “विवेकाधीन नहीं, संपर्काधीन व्यवस्था” बताया है हल्द्वानी में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान मंच ने दावा किया कि 2023-24 और 2024-25 के दौरान चंपावत और उधम सिंह नगर में ही करीब 6 करोड़ 65 लाख रुपये वितरित किए गए। संगठन का आरोप है कि इस वितरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी दिखाई देती है। कई मामलों में एक ही व्यक्ति या परिवार को बार-बार सहायता दी गई, जबकि गरीब और जरूरतमंदों को बहुत कम राशि देकर औपचारिकता पूरी की गई। मंच ने कुछ प्रभावशाली लोगों और राजनीतिक रूप से जुड़े नामों को लाभ मिलने का भी आरोप लगाया है। साथ ही यह भी कहा गया कि RTI के तहत मांगे गए दस्तावेज निजी जानकारी बताकर देने से इनकार कर दिया गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है किसान मंच ने इस पूरे मामले में श्वेत पत्र जारी करने और स्वतंत्र जांच की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
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Wednesday, July 29

