रुड़की के मोहम्मदपुर गांव में बिना किसी लेआउट और नक्शे को पास कराए एक विशाल अवैध कॉलोनी रातों-रात खड़ी कर दी गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस खेल में कुछ सफेदपोशों के साथ-साथ एक संदिग्ध आर्किटेक्ट की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।रुड़की के मोहम्मदपुर गांव में इन दिनों भू-माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं। बिना किसी सरकारी अनुमति, बिना लेआउट पास कराए और नियमों को ताक पर रखकर यहां एक बड़ी अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस कॉलोनी में आवासीय निर्माण कार्य इतनी तेजी से चल रहे हैं, मानो इन्हें किसी का खुला संरक्षण प्राप्त हो।

सूत्रों के हवाले से यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे खेल में एक आर्किटेक्ट की संलिप्तता बेहद संदिग्ध है। आखिर कैसे तकनीकी जानकारों की मिलीभगत से मोहम्मदपुर गांव में इन अवैध निर्माणों को फलने-फूलने का मौका दिया जा रहा है, यह जांच का बड़ा विषय है।सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर HRDA विभाग कर क्या रहा है? क्या रुड़की क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में इतनी बड़ी अवैध कॉलोनी रातों-रात खड़ी हो गई और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी? या फिर सब कुछ जानते हुए भी ‘अनजान’ बनने का नाटक किया जा रहा है?विभाग की इस चुप्पी से साफ जाहिर होता है कि या तो विभागीय अमले की कार्यशैली सवालों के घेरे में है, या फिर उनकी मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध साम्राज्य खड़ा होना नामुमकिन है।खबर सामने आने के बाद अब गेंद HRDA विभाग के पाले में है। देखना यह होगा कि क्या इस खुलासे के बाद विभाग नींद से जागेगा और मोहम्मदपुर गांव में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाएगा, या फिर फाइलों में कागजी खानापूर्ति कर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा?सवाल बड़ा है—क्या रुड़की में सक्रिय भ्रष्ट भू-माफियाओं पर नकेल कसने की हिम्मत HRDA दिखा पाएगा, या फिर आम जनता यूं ही नियमों की बलि चढ़ती रहेगी? इस पर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।

