खबर हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्र रावली महदूद से है, जहां मानसून की पहली बारिश ने लाखों के तालाब सौंदर्यकरण प्रोजेक्ट की पोल खोल दी है। हाल ही में लाखों की लागत से कराए जा रहे तालाब सौंदर्यकरण का काम बारिश की पहली बूंदों के सामने ही बिखरता दिखाई दिया। तालाब के किनारे बनाये गए सौंदर्य पथ की मिट्टी नाले में ही बह गई और टाइलों समेत पूरा पथ गड्ढे में समा गया। हरिद्वार के रावली महदूद क्षेत्र में तालाब सौंदर्य करण का काम लंबे समय से चल रहा था। लोगों को आशा थी कि काम पूरा होने के बाद लोगों को समय बिताने के लिए एक अच्छी जगह मिल पाएगी। हीरो मोटोकॉर्प के सीएसआर फंड की सहायता से हो रहा यह सौंदर्य करण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया और मानसून की पहली ही बारिश ने स्थानीय लोगों के अरमानों पर पानी फेर दिया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, तालाब सौंदर्यकरण के काम में इस्तेमाल की गई सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है। आरोपों के बीच यह भी दावा किया जा रहा है कि स्थानीय विधायक आदेश चौहान और ग्राम प्रधान प्रमोद पाल ने लगभग दो महीने पहले इस निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया था। जनप्रतिनिधियों के दौरे के बाद भी अब यह सवाल उठ रहे हैं कि निरीक्षण के दौरान टाइल्स और मिट्टी की गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं हुई। मानसून की पहली बारिश में ही सौंदर्यकरण के लिए बनाया गया सौंदर्य पथ घुलकर बिखर गया और उसी मार्ग पर अब बड़ा गड्ढा बन गया। जिसको लेकर स्थानीय निवासियों का कहना है कि ‘साफ-सुथरा दिखने वाला काम’ असल में घटिया सामग्री और घटिया कार्य के कारण बिखर गया।

हरिद्वार में मानसून की पहली बारिश ने एक बड़े प्रश्न को जन्म दे दिया है क्या सौंदर्यकरण के नाम पर आए बजट का बंदरबाट हुआ है, क्योंकि सौंदर्य करण के नाम पर गुणवत्ता को अनदेखा किया गया है। अब देखना यह होगा की प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रूख अख्तियार करता है और सौंदर्यकरण के नाम पर हुए कथित बंदरबाट पर क्या एक्शन लेता है?

