रुड़की में भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन का हंटर चला है। एक ऐसी खबर जिसे हमने प्रमुखता से दिखाया, उसका आज बड़ा असर हुआ है। भगवानपुर के तेलपुरा में 140 बीघा में फैला अवैध साम्राज्य अब मिट्टी में मिल चुका है। यहाँ न सिर्फ कॉलोनी काटी जा रही थी, बल्कि किसान यूनियन की आड़ लेकर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश भी की गई। देखिए हमारी ये विशेष रिपोर्ट….

ये तस्वीरें गवाह हैं कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं। रुड़की के भगवानपुर स्थित तेलपुरा-बुग्गावाला मार्ग पर आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब HRDA की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ यहाँ पहुंची। निशाना था करीब 140 बीघा में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी।

हैरानी की बात तो ये है कि इस अवैध प्लॉटिंग को बचाने के लिए भू-माफियाओं ने एक नया पैंतरा अपनाया था। जब पहली बार इस कॉलोनी की खबर मीडिया में चली, तो रातों-रात यहाँ ‘किसान यूनियन तोमर’ के बोर्ड टांग दिए गए। इतना ही नहीं, एक हिस्से को कथित तौर पर ‘प्रदेश कार्यालय’ तक लिख दिया गया, ताकि संगठन की धौंस दिखाकर प्रशासन को रोका जा सके। लेकिन माफियाओं की ये चालाकी काम नहीं आई HRDA की VC सोनिका मीणा के सख्त आदेशों पर विभाग ने इस फर्जीवाड़े की धज्जियां उड़ा दीं। टीम ने कॉलोनी के भीतर बनी दुकानों को सील कर दिया और अवैध रूप से बिछाई गई सड़कों को बुलडोजर से उखाड़ फेंका। इस कार्रवाई से न सिर्फ भू-माफियाओं में, बल्कि तथाकथित यूनियन के उन नेताओं में भी हड़कंप है जो इस अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे थे।

प्रशासन की इस बड़ी स्ट्राइक ने साफ संदेश दे दिया है कि रुड़की की जमीनों पर अवैध कब्जा और फर्जी संगठनों की आड़ अब नहीं चलेगी। हमारे चैनल की खबर का ये असर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो कानून को अपनी जेब में समझते हैं


