उत्तराखंड में जहां एक तरफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सरकारें पर्यावरण संरक्षण के बड़े-बड़े दावे करती हैं, वहीं दूसरी तरफ हरिद्वार जिले से नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध खनन की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है।मामला हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंजारेवाला जंगल और चिल्ला रेंज का है। आइए आपको दिखाते हैं हमारे संवाददाता सलमान मलिक की यह ग्राउंड रिपोर्ट….. ये जो तस्वीरें आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं, यह कोई सामान्य खनन पट्टा नहीं है। यह हरिद्वार का बुग्गावाला थाना क्षेत्र है, जहां बंजारेवाला की चिल्ला वाली नदी में दिन के उजाले में खुलेआम कुदरत का सीना चीरा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह पूरा इलाका राजाजी राष्ट्रीय टाइगर रिजर्व पार्क की चिल्ला रेंज की बाउंड्री से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित है।नियमों के मुताबिक, नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड का स्पष्ट कानून है कि किसी भी नेशनल पार्क या सेंचुरी की बाउंड्री से 10 किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह का खनन कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां तक कि खनन अधिकारियों का भी कहना है कि 1 किलोमीटर के दायरे में कोई खनन नहीं हो सकता, लेकिन इस बंजारेवाला जंगल में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बाउंड्री से महज 300 मीटर की दूरी पर सैकड़ों गाड़ियां अवैध खनन में जुटी हैं।स्थानीय सूत्रों और मौके से मिली जानकारी के मुताबिक, इस क्षेत्र में तीन नदियां- सुखरो, माण्डो और चिल्ला नदी बहती हैं। सरकारी आदेशों के बाद भी यहां अवैध खनन का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सबसे बड़ा आरोप यहां के स्थानीय ग्राम प्रधान पति मुकेश कुमार पर लग रहा है।
आरोप है कि उनका खुद का ‘गंगोत्री क्रेशर’ नाम से स्टोन क्रेशर है और उन्हीं की देखरेख में कानून को ठेंगा दिखाकर यह पूरा अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। जनप्रतिनिधि होने के बावजूद, उन्होंने कभी भी इस अवैध माइनिंग के खिलाफ न तो कोई शिकायत की और न ही सरकार को सूचित किया।प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह है कि सारे महकमों और संबंधित अधिकारियों को इस बात की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद भी कोई अधिकारी इस सिंडिकेट पर हाथ डालने को तैयार नहीं है।अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब राजाजी नेशनल पार्क के इतने नजदीक बेखौफ होकर अवैध खनन किया जा रहा है, तो वन विभाग और जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद क्यों सोया हुआ है? क्या ग्राम प्रधान पति और क्रेशर मालिकों के रसूख के आगे कानून बौना साबित हो रहा है? देखना होगा कि इस वीडियो के सामने आने के बाद शासन-प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

