जहां एक तरफ प्रदेश सरकार अवैध खनन पर पूरी तरह लगाम कसने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे, रात के अंधेरे में खनन माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। पूरा मामला रुड़की के बुग्गावाला थाना क्षेत्र के बंजारावाला का बताया जा रहा है, जहां रात के सन्नाटे में धड़ल्ले से अवैध खनन का खेल खेला जा रहा है। आइए आपको दिखाते हैं हमारी इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में कि कैसे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं…. यह जो चमकती हुई लाइट्स और भारी-भरकम गाड़ियों का शोर आप देख और सुन रहे हैं, यह किसी विकास कार्य का नहीं, बल्कि अवैध खनन का है। उत्तराखंड के रुड़की में बुग्गावाला थाना क्षेत्र के बंजारावाला गांव में रात के सन्नाटे को चीरते हुए ये डंपर और खनन माफिया की फौज धरती का सीना चीरने में लगी है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आता है, जब स्थानीय ग्रामीणों ने इसका पर्दाफाश किया। ग्रामीणों का साफ और सीधा आरोप है कि यह खनन किसी निजी भूमि पर नहीं, बल्कि ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर किया जा रहा है।ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि रात होते ही यहां दर्जनों डंपर और जेसीबी मशीनें उतर आती हैं। ग्राम समाज की कीमती जमीन को खोदा जा रहा है। जब हम इसका विरोध करते हैं तो हमारी कोई सुनवाई नहीं होती। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल रात के अंधेरे में चलना नामुमकिन है।ग्रामीण सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जहां आम जनता के लिए नियम और कानून अलग होते हैं, वहीं खनन माफिया के लिए रात का अंधेरा एक ‘सेफ ज़ोन’ कैसे बन जाता है?
ग्रामीणों का दावा है कि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं, जो कहीं न कहीं एक बड़े सांठगांठ की तरफ इशारा करता है।इस वीडियो के सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उच्च अधिकारी इस अवैध खनन पर कोई ठोस कार्रवाई करेंगे? या फिर बुग्गावाला थाना क्षेत्र के बंजारावाला में ग्राम समाज की सरकारी जमीन को यूं ही माफियाओं के हवाले छोड़ दिया जाएगा? इस खबर पर हमारी पैनी नजर बनी रहेगी।

