देहरादून जिला पंचायत में आउटसोर्स के माध्यम से की गई नियुक्तियों को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया और एक सार्वजनिक पत्र के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में पंचायती राज विभाग से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि जहां एक ओर प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, वहीं देहरादून जिला पंचायत में आउटसोर्स के माध्यम से अपने चहेते लोगों को नौकरी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।पत्र में दो प्रमुख सवाल उठाए गए हैं। पहला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुखविंदर कौर और आउटसोर्स के माध्यम से चयनित अनुसेविका श्रीमती कमलजीत कौर के बीच क्या कोई पारिवारिक या अन्य संबंध है? दूसरा, यदि क्रम संख्या 1 और 2 पर चयनित कर्मचारियों को पीआरडी के माध्यम से आउटसोर्स किया गया है, तो क्रम संख्या 3 पर चयनित कर्मचारी को किस एजेंसी या माध्यम से आउटसोर्स किया गया?पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रदेश का बेरोजगार युवा भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर जवाब मांग रहा है। साथ ही पंचायती राज विभाग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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Thursday, July 30

