उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आरटीआई कार्यकर्ता विकेश नेगी ने अनुसूचित जन जाति प्रमाण पत्रों को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। विकेश नेगी का कहना है कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
उनका आरोप है कि कुछ ऐसी उपजातियों को भी अनुसूचित जनजाति का लाभ दिया जा रहा है, जो नियमों के अनुसार इसके दायरे में नहीं आती हैं । उन्होंने बताया कि जो पांच जातियों को आरक्षण मिलना था उसमें एक जाती जनसारी को जौनसारी कर कुछ लोग इसका लाभ ले रहे जैसे रणवीर सिंह चौहान ,के एस चौहान , वहीं उन्होंने कहा कि धीरेन्द्र गुंजियाल की जाती भोटिया जाती में आति हैं उन्होंने दावा किया कि यदि वर्ष 28,11,2000 के बाद जारी किए गए प्रमाण पत्रों आधार पर नियुक्ति हैं तो वो अवैध हैं और उनकीवैधता पर सवाल खड़े होते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों तक इस व्यवस्था का लाभ लेने के मामले सामने आ सकते हैं। विकेशनेगी ने बताया कि वह अभी और दस्तावेज जुटा रहे हैं और पूरी जानकारी सामने आने के बाद विस्तृत खुलासा करेंगे। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

