Close Menu
Social Scan Local & National News in HindiSocial Scan Local & National News in Hindi
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    ब्रेकिंग न्यूज़ -
    • मुख्यमंत्री ने शहद उत्पादन को बताया स्वरोजगार का सशक्त माध्यम
    • मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर में कन्या पूजन कर मातृशक्ति सम्मान का दिया संदेश
    • मुख्यमंत्री के रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, 4 साल के कार्यकाल पर जनता की मुहर
    • सीएम ने 401 करोड़ की 74 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
    • सीएम बोले—चार साल में हर वर्ग तक पहुंची जनकल्याणकारी योजनाएं
    • क्या उत्तराखंड में बिगड़ रहे हालात? कांग्रेस ने उठाए बड़े सवाल
    • जन-जन की सरकार चार साल बेमिसाल: देहरादून में ₹401 करोड़ की 74 विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
    • महंगाई के बीच हल्द्वानी के युवक का देसी जुगाड़,अब खराब मोबिल ऑयल से बनेगा खाना
    • हल्द्वानी में सीएम पुष्कर सिंह धामी का निरीक्षण, राजनाथ सिंह की रैली की तैयारियां तेज
    • सीएम धामी ने देवीधुरा में माँ वाराही मंदिर नव-निर्माण का किया भूमि पूजन, बोले धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
    Tuesday, March 24
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    Social Scan Local & National News in HindiSocial Scan Local & National News in Hindi
    Demo
    • होम
    • उत्तराखण्ड
    • उत्तरप्रदेश
    • सहारनपुर
    • दुनिया
    • देश
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • यातायात
    • मनोरंजन
    • क्राइम
    Login
    Social Scan Local & National News in HindiSocial Scan Local & National News in Hindi
    Home»धर्म»9 महीने नहीं, फिर कितने दिन माता कौशल्या के गर्भ में रहे थे भगवान राम?
    धर्म

    9 महीने नहीं, फिर कितने दिन माता कौशल्या के गर्भ में रहे थे भगवान राम?

    Social ScanBy Social ScanJuly 17, 2024Updated:January 8, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp

    भगवान राम चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अवतार लिए. यह कहानी तो सबको पता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान राम माता कौशल्या के गर्भ में कितने दिन रहे. यदि नहीं, तो आज हम इसी प्रसंग की चर्चा करने वाले हैं. गोस्वामी तुलसी दास ने श्रीराम चरित मानस में इस प्रसंग का वर्णन विस्तार से किया है. इसके अलावा महर्षि भारद्वाज और याज्ञवल्क्य मुनि के संवाद में भी इस प्रसंग का जिक्र मिलता है. इसमें कहा गया है कि भगवान राम माता कौशल्या के गर्भ में 12 महीने तक रहे थे.

    श्रीरामचरित मानस में तुलसीदास जी लिखते हैं कि चक्रवर्ती महाराज दशरथ को पुत्र ना होने की चिंता माघ महीने में हुई थी. मकर संक्रांति के बाद वह गुरु वशिष्ठ के सामने अपनी चिंता लेकर पहुंचे और जिस समय दशरथ जी यह चिंता जाहिर कर रहे थे, उनके चेहरे पर चिंता का प्रभाव साफ प्रफुस्फुटित हो रहा था. जबकि वशिष्ठ मुस्करा रहे थे. दशरथ जी ने उनसे कारण पूछा तो जवाब में वशिष्ठ उन्हें समझाते हुए कहा कि ब्राह्मण के लिए कर्मकांड कोई श्रेष्ठ काम नहीं है, बावजूद इसके वह 10 पीढियों से रघुवंश में पुरोहित का कम करते आ रहे हैं.

    चैत्र शुक्ल नवमीं को हुआ पुत्र कामेष्ठि यज्ञ

    वशिष्ठ ने कहा कि वह खुद उन पलों का इंतजार कर रहे हैं, जिसकी चिंता लेकर चक्रवर्ती जी उनके पास आए हैं. वशिष्ठ के ऐसा कहने पर दशरथ जी साफ साफ कहने का आग्रह किया. इसके बाद गुरु वशिष्ठ ने उन्हें बताया कि उनके घर एक नहीं, चार-चार पुत्र आने वाले हैं. यह चारों पुत्र कोई सामान्य इंसान नहीं होंगे, बल्कि खुद भगवान नारायण अपने सभी अंशों के साथ अवतार लेने वाले हैं. उस समय वशिष्ठ की ही सलाह पर महाराज दशरथ ने पुत्र कामेष्ठि यज्ञ का आयोजन किया. इस यज्ञ की पूर्णाहुति चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुई थी.

    वसंत ऋतु में प्रकट हुए भगवान राम

    इसी यज्ञ में साक्षात अग्निदेव चरु लेकर प्रकट हुए थे और इसी चरु को ग्रहण करने से राजा दशरथ की तीनों रानियां कौशल्या, केकई और सुमित्रा गर्भवती हुई थीं. मानस में ही कथा आती है कि उसी समय तीनों माताओं के अंक में भगवान अपने अंशों के साथ विराजमान हो गए और उसके बाद तीनों माताओं के सौंदर्य में निखार आ गया. उसी समय से अवध में मंगल ही मंगल होने लगे. कथा आती है कि गर्भ आने के बाद भगवान ने विधि के विधान को भी बदल दिया. कायदे से उन्हें नौ माह के बाद ही धरती पर आ जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने वसंत ऋतु के आने के इंतजार किया.

    चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए भगवान

    भगवान राम चैत्र महीने में शुक्ल पक्ष की नवमीं तिथि को दोपहर के ठीक 12 बजे अपने चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए. वहीं कुछ ही छणों के अंतर से माता केकई ने भी भरत को जन्म दिया. उसके बाद माता सुमित्रा ने भी लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया. माता के गर्भ से भगवान जन्म नहीं लिए, बल्कि अवतरित हुए थे. इस लिए सामने चतुर्भुज रूप में दुशाला ओढ़े भगवान को देखकर भी माता कौशल्या को पहले भरोसा नहीं हुआ. उस समय भगवान ने उन्हें समझाया.

    माता के आग्रह पर की शिशुलीला

    बताया कि वह पहली बार मानव रूप में आए हैं और उन्हें इस मृत्युलोक में कुछ चरित्र करने हैं. इसलिए उन्हें इस रूप में आना पड़ा है. हालांकि माता ने आग्रह किया कि वह पुत्र रूप में आए हैं तो उन्हें पहले शिशु लीला तो करनी ही होगी. फिर माता के कहने पर भगवान ने पहले अपने दोनों हाथ हटाए, शिशु रूप लिया, फिर वस्त्र त्यागी. यही नहीं उन्होंने माता के कहने पर रोने का नाटक भी किया. भगवान के इस रूप को देखने के लिए भगवान शंकर भी आए. इतने में माता की तंद्रा टूटी और गोद में बैठे भगवान के रूप को देखकर वह मोहित हो गई.a

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Social Scan
    • Website

    Related Posts

    डॉ. आर. राजेश कुमार की सख्त निगरानी में संवरेगा प्रदेश का अतिथि तंत्र, कुंभ 2027 से पहले गेस्ट हाउस बनेंगे आधुनिक और आदर्श

    February 14, 2026
    Read More

    “यूसीसी में बड़ा संशोधन: पहचान छुपाकर शादी अब अमान्य, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में कैबिनेट की मुहर”

    January 16, 2026
    Read More

    “मुख्यमंत्री धामी ने कुरुक्षेत्र में विराट संत सम्मेलन 2027 के कुंभ महोत्सव के लिए साधु-संतों को दिया निमंत्रण”

    November 29, 2025
    Read More

    Comments are closed.

    Top Posts

    रघुवर दास ओडिशा पहुंचे, राज्यपाल पद की शपथ लेने से पहले जगन्नाथ मंदिर में किए दर्शन

    October 30, 2023

    केंद्रीय विजीलैंस आयोग का विजीलैंस जागरूकता सप्ताह शुरू

    October 30, 2023

    ‘एक तो चोरी और ऊपर से सीनाजोरी’, मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज होने के बाद BJP ने साधा AAP पर निशाना

    October 30, 2023

    मुख्यमंत्री ने शहद उत्पादन को बताया स्वरोजगार का सशक्त माध्यम

    March 24, 2026
    Follow Us
    Weather

    The Social Scan is a Hindi news channel launched in 2025. It delivers 24×7 comprehensive news coverage and in-depth analysis across diverse categories, including agriculture, education, business, entertainment, art, literature, culture, media, and more.

    Editor: Mrs Nidhi Jain
    Address: 7/1148-1149, Bartala Yadgar,
    Saharanpur, Uttar Pradesh, India, Pin: 247001
    Email Us: drnidhijainsre@gmail.com

    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp Telegram
    Our Picks

    मुख्यमंत्री ने शहद उत्पादन को बताया स्वरोजगार का सशक्त माध्यम

    March 24, 2026

    मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर में कन्या पूजन कर मातृशक्ति सम्मान का दिया संदेश

    March 24, 2026

    मुख्यमंत्री के रोड शो में उमड़ा जनसैलाब, 4 साल के कार्यकाल पर जनता की मुहर

    March 23, 2026
    Most Popular

    “सहसपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों पर चिंता, विधायक पुंडीर ने CM धामी से की शिकायत”

    December 10, 2025

    देहरादून में विजय दिवस समारोह, सीएम धामी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित

    December 16, 2025

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का किया शुभारंभ …..

    December 22, 2025
    © 2026 Social Scan. All rights reserved.
    • होम
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?