2022 में शुरू हुआ निर्माण कार्य अब तक अधूरा, 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा; ठेकेदार और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ विकासखंड में नागनी छोटी पेयजल योजना के निर्माण में देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2022 में शुरू हुए इस कार्य के अब तक पूरा नहीं होने से लगभग 300 परिवारों को पेयजल सुविधा मिलने का इंतजार है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और संबंधित विभाग तथा ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

चिन्यालीसौड़ नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली श्याम ने उत्तराखंड जल संस्थान, उत्तरकाशी की नागनी छोटी पेयजल योजना में हो रही देरी पर चिंता जताई है। योजना के तहत पंपिंग व्यवस्था, पाइपलाइन, ट्यूबवेल, जल भंडारण टैंक और अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। उपलब्ध दस्तावेजों में ठेकेदार के रूप में एम/एस प्रणम अर्थमूवर्स का नाम दर्ज है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, योजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन शेष काम लंबित होने के कारण लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। योजना से संबंधित दस्तावेजों में निर्माण कार्यों की विभिन्न मदों, पाइपलाइन, पंपिंग मशीनरी, जल भंडारण और कार्य शुरू होने व पूरा होने की निर्धारित तिथियों का विवरण भी दर्ज है। ऐसे में सवाल उठता है कि निर्धारित समयसीमा में काम पूरा क्यों नहीं हुआ और वर्तमान में योजना की वास्तविक स्थिति क्या है?

मनोज कोहली श्याम का कहना है कि इस मामले में संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन से कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने जनहित में 25 लाख रुपये से अधिक की राशि देने की बात भी कही है। इसके बावजूद योजना अधूरी रहने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं कि आखिर निर्माण कार्य पूरा करने में बाधा कहां आ रही है।

अब जरूरत है कि उत्तराखंड जल संस्थान योजना की प्रगति, स्वीकृत लागत, देरी के कारण और काम पूरा होने की अंतिम तारीख सार्वजनिक करे। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार की जिम्मेदारी की जांच भी की जाए, ताकि लगभग 300 परिवारों को जल्द पेयजल सुविधा मिल सके।

