हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर अगर आप भी अपने सपनों का आशियाना या कोई प्लॉट खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। रुड़की क्षेत्र में एक बार फिर अवैध प्लॉटिंग और कॉलोनाइजर्स का बड़ा खेल सामने आ रहा है। अब चर्चाओं में है ‘आदि योगी ग्रुप’, जिस पर हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट बेचने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।हरिद्वार-दिल्ली मार्ग स्थित प्राइम लोकेशन पर बना यह चमकदार और भव्य गेट किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींच सकता है। लेकिन इस लुभावने गेट के पीछे की कड़वी सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है।

सूत्रों और स्थानीय शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आदि योगी ग्रुप द्वारा विकसित की जा रही इस चर्चित कॉलोनी में HRDA के विकास और लेआउट मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आरोप है कि प्राधिकरण से पूरा लेआउट पास कराए बिना, आधे-अधूरे नक्शों के दम पर जमीनों की खरीद-फरोख्त और धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है।

यह पहली बार नहीं है जब यह ग्रुप कटघरे में खड़ा हुआ हो। इससे पहले ‘क्रिस्टल वर्ल्ड’ के पास विकसित की गई कॉलोनी पर भी गंभीर सवाल उठे थे। वहां भी मुख्य लेआउट अप्रूव कराए बिना ही अलग-अलग स्तरों पर मकानों के नक्शे पास करवाकर खेल खेला गया था। अब उसी फॉर्मूले को इस नई प्राइम लोकेशन कॉलोनी में भी दोहराने के आरोप लग रहे हैं।

नियमों को ठेंगा दिखाकर केवल ग्राहकों को लुभाने का यह खेल अब HRDA की कार्यप्रणाली को भी घेरे में ले रहा है। आम खरीदार अपनी गाढ़ी कमाई लगाकर इन जमीनों को खरीद रहे हैं, लेकिन बिना स्वीकृत लेआउट के यह संपत्ति भविष्य में उनके लिए बड़ा कानूनी और ढांचागत खतरा बन सकती है। अब देखना यह होगा कि प्राधिकरण इस पर कब सख्त कार्रवाई करता है।

