रुड़की के मंगलौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ चुनावी रंजिश ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गाँव की गलियाँ खून से लाल हो गईं, चीख-पुकार मच गई, लेकिन इसी खौफ के बीच उत्तराखंड पुलिस का वो चेहरा सामने आया जिसे देख आज हर कोई उन्हें सलाम कर रहा है। मामला मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के घोसीपुरा गांव का है। यहाँ दो पक्षों के बीच पुरानी चुनावी रंजिश आज अंगारों की तरह धधक उठी। बात बढ़ी और देखते ही देखते धारदार हथियारों से हमला शुरू हो गया। इस खूनी बवाल में एक ही पक्ष के तीन लोग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। दो की हालत इतनी नाजुक थी कि हर पल भारी पड़ रहा था। गाँव में दहशत का माहौल था, लेकिन जैसे ही सूचना पुलिस तक पहुँची, मंगलौर कोतवाल अमरजीत सिंह और एस एस आई रफत अली बिना एक पल गंवाए मौके पर जा पहुँचे। यहाँ पुलिस ने सिर्फ कानून का डंडा नहीं चलाया, बल्कि ‘मित्र पुलिस’ का असली फर्ज निभाया। एम्बुलेंस के इंतजार में समय बर्बाद करने के बजाय, इन जांबाज अफसरों ने तड़पते हुए घायलों को खुद उठाकर अपनी सरकारी गाड़ी में डाला और सीधे रुड़की सिविल अस्पताल की ओर दौड़ लगा दी। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है। फिलहाल गाँव में भारी पुलिस बल तैनात है और शांति व्यवस्था कायम है। लेकिन आज पूरे इलाके में चर्चा सिर्फ इस बात की है कि अगर पुलिस वक्त पर न पहुँचती और घायलों को अपनी गाड़ी में न ले जाती, तो शायद परिणाम और भी दुखद हो सकते थे। ग्रामीण आज मंगलौर पुलिस की इस मानवीय पहल की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे हैं। इस घटना ने साबित कर दिया है कि वर्दी के भीतर एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी है।
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा, शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
- यूआईआईडीबी पर सरकार की सफाई, पूर्व विधायक मनोज रावत ने उठाए सवाल
- अयोध्या में देवभूमि की पहचान, रुद्रपुर में युवाओं की उड़ान
- गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सियासत तेज, आदेश की कॉपी को लेकर उठे सवाल
- हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण को लगातार चुनौती! फिर भी भ्रामक विज्ञापन दिखाकर ठगने वालों पर कार्रवाई नहीं?
- आधी रात थार से खतरनाक स्टंट, सनरूफ से बाहर युवक-युवती
- धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, मेडिकल इंटर्न स्टाइपेंड बढ़ा, खिलाड़ियों के लिए 243 पदों को मंजूरी
- हत्या या आत्महत्या?
- देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, 5-दिवसीय बैंकिंग की मांग प्रमुख
- ऑलवेदर रोड समेत PMGSY की सड़कों की बदहाली पर पालिका सख्त, FIR की चेतावनी
Tuesday, September 15

