दयालपुर क्षेत्र में स्थित ‘नॉर्थ एवेन्यू’ प्रोजेक्ट को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां हाई टेंशन बिजली टावरों के बीच पूरे प्रोजेक्ट को काटकर फ्लैट और प्लॉट बेचे जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कई फ्लैटों के अंदर ही सरकारी बिजली के खंभे लगे हुए हैं, इसके बावजूद बिल्डर बेखौफ होकर इन्हें ग्राहकों को बेच रहा है।

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह सरकारी बिजली का खंभा सीधे फ्लैट के अंदर खड़ा है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। इसके बावजूद बिजली विभाग को बार-बार लिखित शिकायतें दी गईं, यहां तक कि विभाग के उच्च अधिकारियों तक मामला पहुंचाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, नक्शे में जहां लिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं है, वहां भी लिफ्ट लगाकर फ्लैट बेचे जा रहे हैं, जो सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब इंडिविजुअल रजिस्ट्री को लेकर लिखित शिकायतें तत्कालीन तहसीलदार और नए तहसीलदार को दी गईं, तब भी किसी तरह का कोई एक्शन नहीं लिया गया। नतीजा यह है कि धड़ल्ले से इंडिविजुअल रजिस्ट्री की जा रही है, जिससे न सिर्फ नियमों की अनदेखी हो रही है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।

न बिजली विभाग की एनओसी, न तहसील की स्वीकृति और न ही अन्य जरूरी विभागों की अनुमति—सबको दरकिनार कर बिल्डर अपनी मनमानी कर रहा है। आरोप है कि कुछ अधिकारियों का संरक्षण मिलने के कारण बिल्डर पर कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे भ्रष्टाचार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर गलती से कोई व्यक्ति यहां फ्लैट खरीद लेता है और भविष्य में कोई हादसा होता है, तो उसकी जान की जिम्मेदारी आखिर कौन सा विभाग लेगा? 100 प्रतिशत प्लॉटिंग पास होने का दावा करने वाला यह प्रोजेक्ट नियमों के खुले उल्लंघन के बावजूद बिक रहा है, और अलग-अलग फर्मों के नाम से कारोबार भी किया जा रहा है।

लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभागों की चुप्पी सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
वहीं आपको बता दे कि इस खबर पर Social scan की टीम ने executive engineer से बात करने की कोशिश करी लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया


