यूपीसीएल के कर्मी की मौत पर भड़के विधायक
सेवा विस्तार के नाम पर अधिकारी खा रहे मेवा
अपनी ही सरकार को कटघरे में खडा कर गये महंत दलीप रावत
आरोपः टैंपरेरी एमडी, टैंपरेरी डायरेक्टर और पैसा लेकर बांट दी गई पोस्टें
विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा
देहरादून। उत्तराखण्ड के लैंसडाउन से भाजपा विधायक अकसर कुछ मामलों पर अपनी ही सरकार को घेरते हुए नजर आ जाते हैं और उससे कहीं न कहीं सरकार भी असहज होती है और विपक्ष को भी सरकार पर निशाना साधने के लिए मौका मिल जाता है। पौडी के रिखणीखाल के खिमाखेत क्षेत्र में बिजली की लाइन में दिक्कत आने पर उसे ठीक करने के लिए जब यूपीसीएल का संविदाकर्मी पहुंचा तो लाइनमैन शटडाउन मांगने के बाद खम्बे पर जब चढना शुरू किया तो अचानक लाइन में करंट दौड पडा और उनका शव तारों के बीच झूल गया था। संविदाकर्मी का शव तारों के बीच झूलता देख ग्रामीणों में आक्रोश भडक गया था और अपने इलाके के युवक की इस मौत से नाराज भाजपा विधायक यूपीसीएल के अफसरों पर जमकर भडके और उन्होंने साफ आरोप लगाया कि यह यूपीसीएल की गम्भीर लापरवाही है। भाजपा विधायक ने तो अपनी नाराजगी खुलेआम दिखाते हुए यहां तक दहाड लगा दी कि यूपीसीएल में बहुत बडी खामियां चल रही हैं और यहां टैंपरेरी एमडी, टैंपरेरी डायरेक्टर तैनात हैं और पैसे लेकर पोस्टें बांट दी गई हैं और अपनी ही सरकार को कटघरे मे खडा करते हुए उन्होंने यहां तक दहाड लगा दी कि सेवाविस्तार के नाम पर अधिकारी मेवा खा रहे हैं। भाजपा विधायक का यूपीसीएल के अधिकारियों को लेकर दिखाई दे रही नाराजगी से कई सवाल खडे हो रहे हैं कि क्या सरकार के पास यूपीसीएल के लिए अस्थाई एमडी और डायरेक्टर नहीं मिल रहे हैं जिसके चलते वहां अफसरों की अस्थाई तैनाती से ही महकमे को चलाया जा रहा है?
उत्तराखण्ड में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार है लेकिन पिछले कुछ अर्से से जिस तरह भाजपा के कुछ विधायक अवैध खनन, निर्माण में घटिया गुणवत्ता को लेकर अपनी खुली नाराजगी सोशल मीडिया पर दिखाते हुए नजर आये हैं उससे सरकार के सामने भी एक बडी टेंशन होती रही है क्योंकि 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में अगर भाजपा के ही कुछ विधायक अपनी सरकार में हो रहे अवैध खनन से लेकर घटिया निर्माण कार्यों पर अपनी खुली नाराजगी दिखा रहे हैं तो वह सरकार के लिए भी शुभ संकेत नहीं हैं? पौडी गढवाल के लैंसडाउन से भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत जो कि अकसर अपनी बेबाक टिप्पणी को लेकर चर्चा के केंद्र में रहते हैं और वह अकसर कुछ मामलों को लेकर सिस्टम पर सवाल उठाने से पीछे नहीं हटे हैं जिसके चलते सरकार के सामने भी कई बार असहज स्थिति आ खडी होती है। अब रिखणीखाल के खिमाखेत क्षेत्र में बिजली की लाइन में दिक्कत आने के कारण लाइनमैन अनिल नेगी शटडाउन मांगने के बाद खम्बे पर चढ़ा, लेकिन अचानक लाइन में करंट आया और उसका शव तारों के बीच झूल गया। लाइनमैन को बिजली के तारों के बीच झूलता देख वहां के ग्रामीणों में आक्रोश भडक गया और उसके बाद उसके शव को खम्बे से उतार कर ग्रामीणों ने यूपीसीएल अधिकारियों के खिलाफ अपनी नाराजगी दिखाई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना का पता चलते ही विधायक महंत दिलीप सिंह रावत ने अपनी नाराजगी दिखाते हुए यूपीसीएल के अधिकारियों को कटधरे मे खडा किया और कहा कि यूपीसीएल बिना पर्याप्त उपकरणों और सुरक्षा के लाइनमैनों की जान जोखिम में डाल रहा है और यह घटना यूपीसीएल की गम्भीर लापरवाही है। विधायक महंत दिलीप रावत ने अपनी ही सरकार पर सवालिया निशान लगाये है और सनसनीखेज आरोप लगाये है। विद्युत कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई है जो ऑन डयूटी पर था जो दुखद है और यह बडा दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वह समझते है कि यह यूपीसीएल की घोर लापरवाही है और टैंपरेरी एमडी बने है और टैंपरेरी डायरेक्टर बना है और पैसा लेकर इनको पोस्टे बांट दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रों में अफरा तफरी है और डिवीजन को जेई कहीं से आ रखा है और एसडीओ कहीं से आ रखा है। उन्होंने कहा कि प्रोपर कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार एमडी से कहने पर कोई कार्यवाही नहीं की है और सेवा विस्तार के नाम पर वर्तमान में अधिकारी मेवा ज्यादा खा रहे है। भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत ने जिस तरह से यूपीसीएल के अधिकारियों को लेकर अपनी बडी नाराजगी दिखाई है उससे कहीं न कहीं विपक्ष को बैठे बिठाये एक बडा मुद्दा मिल गया है कि आखिरकार यूपीसीएल में वो कौन हैं जो पैसे लेकर पोस्टें बांट रहा है?

