प्रदेश में विकास के नाम पर जल जंगल जमीन और पर्यावरण को जमकर नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिसकी एक बानगी इन दिनों विकासनगर क्षेत्र में देखी जा सकती है जहां विकास व सौर ऊर्जा के नाम पर शक्ति नहर किनारे खडी हरियाली को उजाड़ा जा रहा है। जिसको लेकर स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों ने सरकार व विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
दरअसल प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग लम्बे समय से सौलर पावर प्लांट लगाने की कवायद पर काम कर रहा है। जिसके चलते यूजेवीएनएल व संबंधित कंपनी द्वारा विकासनगर के डाकपत्थर, ढकरानी, ढालीपुर और खोदरी आदि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सौलर पावर प्लांट लगाए गए हैं। जबकि इसी क्रम में डाकपत्थर से लेकर कुल्हाल तक करीब पंद्रह किलोमीटर के दायरे में शक्ति नहर किनारे अतिक्रमण मुक्त कराई गई यूजेवीएनएल की भूमि पर भी सौलर पावर प्लांट लगाए जाने है। जिसके चलते इन दिनों इस भूमि पर खड़े विभिन्न प्रजातियों के तकरीबन एक हजार से अधिक हरे भरे पेड़ों का कटान किया जाना है, जिसमें सैकड़ों हरे भरे पेड़ों पर अभी तक आरियां चला दी गई है। जिसको लेकर बड़े पैमाने पर हो रहे इस कटान का विरोध करते हुए स्थानीय निवासियों ने सरकार और विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिसके चलते ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए पेड़ों के कटान को रूकवा कर आज स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने तहसील में एसडीएम का घेराव कर एक ज्ञापन सौंपा जिसमें क्षेत्र में हो रहे बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान को रोकते हुए कार्रवाई किए जाने की मांग की। आक्रोशित लोगों का कहना है कि यूजेवीएनएल सौलर पावर प्लांट की आड़ में क्षेत्र की हरियाली को उजाड़ने का काम कर रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को भारी नुक्सान पहुंच रहा है बल्कि इन पेड़ों पर रह रहे हजारों की संख्या में पक्षियों को बेघर होना पड़ रहा है, जबकि कईयों को अपनी जान भी गंवानी पड़ रही है।
इस मामले को लेकर एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार का कहना है कि सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा है, जिसमें शक्ति नहर किनारे हो रहे पेड़ों के कटान को रोकने की मांग की गई है। कहा कि मामले में संबंधित विभाग से वार्ता कर ग्रामीणों की समस्याओं का निदान किया जाएगा।
बहरहाल आक्रोशित लोगों ने साफ कहा कि वह लोग पर्यावरण को विकास के नाम पर यूं उजड़ने नहीं देंगे। अगर जरूरत पड़ी तो पेड़ों को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आंदोलन छेड़ेंगे।

