आजादी के 78 साल बाद भी 10000 से अधिक की आबादी आज भी गांव तक सड़क पहुंचने का इंतजार कर रही है ।
मुश्किल हालातो में ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर है । स्कूली छात्र, मरीज, गर्भवती महिलाओं तथा बुजुर्गों के लिए हालात और भी ज्यादा मुश्किल बने हुए है।
बता दे कि यह मामला धारचूला तहसील के रॉथी का है जहां 2017 में टनकपुर- तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे टीवी टावर से राथी के लिए 20 किलोमीटर मोटर मार्ग का निर्माण पीएमजीएसवाई के द्वारा शुरू किया गया था।
जून 2019 में 5 किलोमीटर से अधिक सड़क काटने के बाद यह सड़क 2019 में एनपीसीसी को शासन के द्वारा दे दी गई है। पिछले 8 वर्षों में यह सड़क केवल 8 किलोमीटर ही कट पाई है।जहां दो वर्षों में पीएमजीएसवाई के द्वारा साढे 5 किलोमीटर से अधिक सड़क काटी गई। वही एनपीसीसी ने 6 वर्षों में ढाई किलोमीटर ही सड़क काटी है।वर्तमान में ताथर तोक में निर्माण कार्य रुका हुआ है।इस स्थान पर निर्माण के दौरान फेके गए मलवे से ग्रामीणों का पैदल मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसके चलते ग्रामीण स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर रोज चट्टान से आवाजाही करने को मजबूर हो गए हैं।जिसमें एक छोटी सी चूक सांसें छीन सकती है ।जिससे आने वाले समय में बड़ी अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है । वहीं ग्रामीणों ने कहा कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कार्य नहीं किया गया तो आने वाले पंचायती चुनाव का बहिष्कार के साथ ही आदि कैलाश ॐ पर्वत यात्रा मार्ग पर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर रहेंगे ।

