Close Menu
Social Scan Local & National News in HindiSocial Scan Local & National News in Hindi
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    ब्रेकिंग न्यूज़ -
    • UIIDB को लेकर भ्रामक प्रचार पर सरकार का कड़ा पलटवार, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने तथ्यों के साथ किया स्थिति स्पष्ट
    • देवभूमि परिवार पोर्टल लॉन्च, विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 का विमोचन; CM धामी ने तय किया विकास का रोडमैप
    • शंखनाद का नाद निकला फर्जी
    • राष्ट्रीय एकता दिवस पर देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री ने युवाओं को दिखाई हरी झंडी, की कई घोषणाएं
    • मुख्यमंत्री ने किया उत्तराखण्ड पुलिस के नए गौरव चिह्नों का अनावरण, भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन 1064 की समीक्षा के निर्देश
    • उत्तराखंड में अतिक्रमण पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन, रामनगर के पूछड़ी में गरजा बुलडोजर; 14 हेक्टेयर सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई
    • आम तो आम, गुठलियों के भी दाम : हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण
    • लेखक गांव अंतरराष्ट्रीय महोत्सव-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए सीएम धामी
    • रूड़की में एक और अवैध ओपन कालोनी का मामला !सचिव आवास और मुख्यमंत्री की साख को बट्टा?
    • D(डकैत) P (पाखंडी) सियार ने 74 को भी कर दिया पार!
    Wednesday, November 4
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp Telegram
    Social Scan Local & National News in HindiSocial Scan Local & National News in Hindi
    Demo
    • होम
    • उत्तराखण्ड
    • उत्तरप्रदेश
    • सहारनपुर
    • दुनिया
    • देश
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • व्यापार
    • यातायात
    • मनोरंजन
    • क्राइम
    Login
    Social Scan Local & National News in HindiSocial Scan Local & National News in Hindi
    Home»देश»आज क्यों शहीद दिवस मनाती है TMC, जानें 31 साल पुराना कोलकाता फायरिंग केस
    देश

    आज क्यों शहीद दिवस मनाती है TMC, जानें 31 साल पुराना कोलकाता फायरिंग केस

    Social ScanBy Social ScanJuly 21, 2024Updated:January 8, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp

    तारीख 21 जुलाई साल 1993, आज से पूरे 31 साल पहले कोलकाता के इतिहास में एक ऐसा दिन दर्ज है, जिसमें 13 मासूमों की जान चली गई थी. आज के ही दिन को पूरा पश्चिम बंगाल शहीद दिवस के नाम से मनाता है. देश में समय-समय पर बदलाव की मांग उठी है, समय-समय पर बदलाव की मांग करने के लिए आंदोलन हुए हैं. ऐसा ही एक आंदोलन साल 1993 में उस समय की युवा कांग्रेस ने किया था. इस आंदोलन का नेतृत्व वर्तमान सीएम ममता बनर्जी कर रही थी.

    साल 1991 में पश्चिम बंगाल में कम्यूनिस्ट लेफ्ट फ्रंट ने भारी बहुमत से सरकार बनाई थी और ज्योति बसु राज्य के मुख्यमंत्री बने थे. कम्यूनिस्ट लेफ्ट फ्रंट के भारी वोटों से जीतने के बाद विपक्ष ने चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. जिसने राज्य में एक नए आंदोलन को जन्म दिया था, जिसके बाद विपक्ष ने वोटर आईडी कार्ड को वोट डालने के लिए अनिवार्य करने की मांग शुरू कर दी थी.

    ममता बनर्जी कर रही थी आंदोलन का नेतृत्व

    उस समय ममता बनर्जी राजनीति में पैर जमा रही थी और वो युवा कांग्रेस की अध्यक्ष थीं. 21 जुलाई 1993 को ममता बनर्जी ही इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही थी और राइटर्स बिल्डिंग तक मार्च करने का इरादा किया गया था. इस आंदोलन में लोगों की मांग थी कि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए वोटर आईडी को अनिवार्य किया जाए.

    यह मार्च 21 जुलाई को मजबूत इरादों के साथ राइटर्स बिल्डिंग की तरफ चल पड़ा था. सुबह 11 बजे के आसपास, बिल्डिंग तक पहुंचने से महज एक किलोमीटर पहले, मेयो रोड पर मेट्रो सिनेमा और एस्प्लेनेड में डोरिना रोड क्रॉसिंग के पास, राज्य पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोक दिया. पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए गोलियां बरसानी शुरू कर दी, जिसके बाद हालात बिगड़ गए. इस गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.

    पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा था

    इस घटना के बाद उस समय के शहर के पुलिस कमिश्नर तुषार तालुकदार ने कहा कि पुलिस को पहले से ही आशंका थी कि राइटर्स बिल्डिंग और राजभवन तक मार्च किया जा सकता है, जिसके चलते पुलिस की टुकड़ी को पहले से ही तैनात कर दिया गया था, साथ ही सेक्शन 144 लागू किया गया था. घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालुकदार ने दावा किया था कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि गोलीबारी शुरू कर दी गई है. तालुकदार ने कहा कि एक जूनियर ने गोलीबारी शुरू कर दी थी. तत्काल केंद्रीय गृह मंत्री एस.बी. चव्हाण, जो घटना के बाद कलकत्ता पहुंचे थे, उन्होंने राज्य सरकार को घटना की न्यायिक जांच का आदेश देने की सलाह दी थी. हालांकि, मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने किसी जांच का आदेश नहीं दिया था.

    ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर ने लिया नया मोड़

    इस आंदोलन का नेतृत्व करने वाली ममता बनर्जी को भी पुलिस गोलीबारी में काफी चोट आई थीं, लेकिन यहीं वो दिन था जहां से ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर ने नया मोड़ लिया. उन्हें जनता की हमदर्दी और समर्थन दोनों मिला. ममता बनर्जी पहले से ही राज्य की राजनीति में एक उभरती हुई हस्ती थीं, लेकिन अब जनता के बीच उन का सम्मान और बढ़ गया. आने वाले वर्षों में, घटना की 21 जुलाई की सालगिरह पार्टी की सबसे बड़ी वार्षिक सार्वजनिक रैली बन गई. साल 1997 में ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का गठन किया, जिसके बाद पार्टी ने साल 2011 में राज्य में पहली बार सरकार बनाई.

    “जलियांवाला बाग नरसंहार से भी बदतर”

    जिसके बाद हर साल 21 जुलाई को कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही पश्चिम बंगाल में “शहीद दिवस” ​​के रूप में इस दिन को मनाते हैं. सत्ता में आने के बाद टीएमसी ने इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी. टीएमसी ने ओडिशा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, (रिटायर) सुशांतो चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में आयोग का गठन किया था. न्यायमूर्ति चटर्जी ने साल 2014 में रिपोर्ट पेश करते हुए कहा, “आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि यह मामला जलियांवाला बाग नरसंहार से भी बदतर है.”

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp
    Social Scan
    • Website

    Related Posts

    UIIDB को लेकर भ्रामक प्रचार पर सरकार का कड़ा पलटवार, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने तथ्यों के साथ किया स्थिति स्पष्ट

    November 4, 2026
    Read More

    देवभूमि परिवार पोर्टल लॉन्च, विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 का विमोचन; CM धामी ने तय किया विकास का रोडमैप

    November 2, 2026
    Read More

    शंखनाद का नाद निकला फर्जी

    October 31, 2026
    Read More

    Comments are closed.

    Top Posts

    UIIDB को लेकर भ्रामक प्रचार पर सरकार का कड़ा पलटवार, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने तथ्यों के साथ किया स्थिति स्पष्ट

    November 4, 2026

    देवभूमि परिवार पोर्टल लॉन्च, विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 का विमोचन; CM धामी ने तय किया विकास का रोडमैप

    November 2, 2026

    शंखनाद का नाद निकला फर्जी

    October 31, 2026

    राष्ट्रीय एकता दिवस पर देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री ने युवाओं को दिखाई हरी झंडी, की कई घोषणाएं

    October 31, 2026
    Follow Us
    Weather

    The Social Scan is a Hindi news channel launched in 2025. It delivers 24×7 comprehensive news coverage and in-depth analysis across diverse categories, including agriculture, education, business, entertainment, art, literature, culture, media, and more.

    Editor: Mrs Nidhi Jain
    Address: 7/1148-1149, Bartala Yadgar,
    Saharanpur, Uttar Pradesh, India, Pin: 247001
    Email Us: drnidhijainsre@gmail.com

    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp Telegram
    Our Picks

    UIIDB को लेकर भ्रामक प्रचार पर सरकार का कड़ा पलटवार, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने तथ्यों के साथ किया स्थिति स्पष्ट

    November 4, 2026

    देवभूमि परिवार पोर्टल लॉन्च, विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047 का विमोचन; CM धामी ने तय किया विकास का रोडमैप

    November 2, 2026

    शंखनाद का नाद निकला फर्जी

    October 31, 2026
    Most Popular

    कुंभ मेला-2027 की तैयारियों में तेजी, सड़कों एवं मेला भूमि के समतलीकरण कार्यों का मेलाधिकारी ने किया निरीक्षण

    September 22, 2026

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले व्यापार मंडल में विवाद, महानगर की निर्वाचित टीम ने प्रदेश संगठन से तोड़ा नाता….

    October 8, 2026

    मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ

    October 22, 2026
    © 2026 Social Scan. All rights reserved.
    • होम
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?