जिला अस्पताल पौड़ी से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही उजागर हुई है। बीती रात अस्पताल में अचानक बिजली गुल हो गई, जिसके बाद डॉक्टरों को मजबूरन मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मरीज का उपचार करना पड़ा। बताया जा रहा है कि बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद अस्पताल का बैकअप जनरेटर भी काम नहीं कर पाया, जिससे वार्ड और इमरजेंसी कक्ष पूरी तरह अंधेरे में डूब गए। इस दौरान डॉक्टरों ने टॉर्च की मदद से मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया, जबकि मरीज और परिजन भयभीत होकर बिजली आने का इंतजार करते रहे। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जिला मुख्यालय के अस्पताल में ऐसी स्थिति बार-बार क्यों बनती है? उन्होंने बताया कि कुछ माह पहले भी बिजली बंद होने से इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हुई थीं। बावजूद इसके, स्वास्थ्य विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पौड़ी जैसे पहाड़ी जिले के प्रमुख अस्पताल में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का ठप पड़ जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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Thursday, July 30

