हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण ने सिकरौड़ा रोड स्थित एक निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज पर दोबारा सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद जहां अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मचा है, वहीं पूरे मामले को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के किया जा रहा था। प्राधिकरण ने पूर्व में निर्माणकर्ता को नोटिस जारी कर कार्य रोकने के निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं, कुछ माह पहले भी इस भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रहा और इमारत लगभग तैयार हो गई।बुधवार को HRDA की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोबारा निरीक्षण किया। जांच के दौरान निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के पाया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने भवन को फिर से सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान एई टी.एस. पंवार, जेई पंकज, सीनियर सुपरवाइजर संजय सहित विभागीय टीम मौजूद रही।HRDA की उपाध्यक्ष सोनिका ने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भवन पहले ही सील किया जा चुका था तो उसके बाद निर्माण कार्य कैसे चलता रहा। यदि निर्माण अवैध था तो समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई और आखिर किसकी शह पर यह निर्माण लगभग पूरा हो गया?

अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कार्रवाई केवल सीलिंग तक सीमित रहेगी या फिर अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण, जुर्माना और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसी आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

