12 हजार करोड़ की लागत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांशी परियोजना ग्रीनफ़ील्ड कॉरिडोर की दून एक्सप्रेस वे पर बिहारीगढ़ थाने के सामने फ़्लाईओवर की दीवार झुकी, कार्यदाई संस्था द्वारा 20 एंकर प्लेट्स के सहारे फ़्लाईओवर को रोकमे की चुनोती के बाद दिल्ली तक मचा हड़कम्प, अधिकारी बचाव के लिए दे रहे दलीलें, पिलर भी बताये जा रहे कमजोर, आखिर कही बड़े हादसे का सबब न बन जाये फ़्लाईओवर में पड़ी दरारें, फिलहाल दीवार का दरकना रुका, गुणवत्ता के सवाल पर खतरे की सम्भावनाये जस की तस।

समय रहते देख लिए जाने से बड़ा हादसा होने से टला, क्षेत्रवासियों ने ली राहत की सांस
सहारनपुर: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद बिहारीगढ़ कस्बे में थाने के सामने दायीं तरफ फ्लाईओवर की दीवार दरक गई। 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने 213 किमी लंबे इस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली से कार द्वारा इस पर गणेशपुर तक पहुंचे थे। केंद्र सरकार इस एक्सप्रेसवे को अपनी बड़ी उपलब्धियों में से एक मानकर चल रही है। परन्तु लोकार्पण के बाद ही फ्लाईओवर की दीवार दरकना कही न कही निर्माण पर सवालिया निशान लगे है, सूचना मिलते ही एनएचएआई के कर्मचारियो ने दीवार को गिरने से बचाने के लिए 20 एंकर प्लेट्स लगाकर उसे रोकने का प्रयास तो किया, परन्तु जिस प्रकार दीवार दरक गयी वह भी गर्मी के दिनों में उसके कारण भविष्य में आम आदमी की चिंताएं बढ़ना भी स्वाभाविक है यही नही दीवार के।सामने बनी दुकानों में भी दहशत का माहौल बन गया वही कयास लगाए जा रहे है कि यदि यही घटना बड़े स्वरूप में रात्रि के समय होती तो कितना नुकसान हो सकता था कल्पना से परे था। यही नही पूर्व में भी फ़्लाईओवर के पिलर कमजोर पाए गए थे उन्हें सुरक्षा जैकेट के रूप में सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया, अब देखना है कि क्या फ़्लाईओवर को लेकर क्षेत्रवासियों के साथ अन्य सफर करने वालो को किसी बड़ी मसीबत का सामना न करना पड़े। हालांकि अधिकारियों का अपना तर्क है वह इन समस्याओं को सिरे से खारिज करते बताये जाते है और सूत्रों के मुताबिक ओनक कहना है कि भविष्य में कोई ऐसी समस्या उत्पन्न होने की संभावना न के बराबर है।

