रुड़की के व्यस्ततम व्यापारिक केंद्र बीटी गंज बाजार’ से एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक संकरी गली, जहाँ दो लोग ठीक से निकल नहीं सकते, वहाँ रातों-रात एक बहुमंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो गया।

आखिर विभाग की आँखें तब क्यों नहीं खुलीं जब ईंट से ईंट जुड़ रही थी?यह नजारा है रुड़की के बेटी गंज बाजार की उस संकरी गली का, जहाँ कदम रखने की भी जगह नहीं है। लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रखकर खड़ी कर दी गई है एक चार मंजिला ऊंची इमारत। बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग में न केवल चार फ्लोर हैं, बल्कि नियमों के विरुद्ध बेसमेंट का निर्माण भी किया गया है।हैरानी की बात यह है कि इस बिल्डिंग का निर्माण कार्य अभी भी धड़ल्ले से जारी है। सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी बिल्डिंग का नक्शा पास कैसे हुआ? और अगर नक्शा पास नहीं था, तो HRDA के अधिकारी अब तक कहाँ सो रहे थे?जब इस गंभीर मामले पर विभागीय अधिकारियों से बात की गई, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। अधिकारियों का कहना है कि हमें इस मामले की जानकारी नहीं है। जल्द ही मौके पर टीम भेजकर तथ्यों की जांच की जाएगी और फिर कार्रवाई होगी अब सवाल यह उठता है क्या एक विशालकाय कमर्शियल बिल्डिंग रातों-रात खड़ी हो गई?

क्या क्षेत्रीय सुपरवाइजरों और इंजीनियरों को महीनों से चल रहे इस निर्माण की भनक तक नहीं लगी? या फिर यह “जानबूझकर अनजान” बने रहने का खेल है?रुड़की के बाजार पहले से ही अपनी संकरी गलियों और भीड़भाड़ के लिए जाने जाते हैं। यदि इन अवैध रूप से बनी बिल्डिंगों में कल को आग लगने जैसी कोई अप्रिय घटना होती है या कोई जनहानि होती है, तो संकरी गली होने के कारण दमकल की गाड़ी तक अंदर नहीं पहुँच पाएगी।बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि ऐसी स्थिति में होने वाली मौतों और नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा? क्या विभाग तब जागेगा जब कोई बड़ा हादसा हो जाएगा?फिलहाल अधिकारी अब ‘कार्रवाई’ का भरोसा दे रहे हैं, लेकिन रुड़की की जनता पूछ रही है कि क्या यह अवैध ढांचा ध्वस्त होगा या कागजी कार्रवाई की फाइलों में दबकर रह जाएगा?

