रुड़की से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने पूरे प्रदेश की सियासत और कानून व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। झबरेड़ा थाना क्षेत्र के लाठरदेवा शेख गांव में तीन महीने पहले हुई गो-कशी के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। ग्रामीणों ने अब सीधे तौर पर एक रसूखदार नेता का नाम उजागर किया है।दरअसल यह पूरा मामला करीब तीन महीने पुराना है, जब लाठरदेवा शेख गांव के एक नाले में भारी मात्रा में गोवंश के अवशेष मिले थे। उस वक्त हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया था। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि कैसे संगठन के कार्यकर्ता खुद नाले के गंदे पानी में उतरकर बोरों में भरे अवशेषों को बाहर निकाल रहे थे। उस समय पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला तो दर्ज किया, लेकिन आरोपी गिरफ्त से बाहर रहे।अब इस मामले में गांव के लोगों ने चुप्पी तोड़ी है और हिम्मत दिखाकर कैमरे के सामने बड़े नामों का खुलासा किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में हुई एक शादी समारोह में 10 से ज्यादा गायों की बेरहमी से हत्या की गई और उसका मीट पार्टी में इस्तेमाल किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस पूरी घटना के पीछे अनीस गौड़ का हाथ है, जो भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष हैं। ग्रामीणों का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण अब तक इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है अनुज बजरंगी ने बताया कि यह हमारी आस्था पर गहरी चोट है। लाठरदेवा शेख में जिस तरह से गौ माता का कत्लेआम हुआ, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। अगर पुलिस ने जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो हिंदू सेना सड़कों पर उतरेगी।मामले की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस महकमा भी अब हरकत में आ गया है। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने साफ किया है कि जांच अब नए सिरे से शुरू की गई है।एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि मामला पुराना जरूर है, लेकिन अब कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। हमने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और नए एंगल से जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अब सवाल यह उठता है कि क्या पुलिस सत्ताधारी दल के नेता पर लगे इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर पाएगी? क्या उन बेगुनाह गौवंशों को न्याय मिलेगा जिनका मांस दावतों में परोसा गया?

