उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री राज्य में पबों और क्लबों के रात्रि समय सीमा के चलने के बाद काफी आक्रामक दिखाई दिये तो उससे इनके संचालकों की नींद उडी हुई है। वहीं जनपद के पुलिस कप्तान ने भी इनके संचालकों को दो टूक अल्टीमेटम दे दिया कि अगर उन्होंने समय सीमा के बाद अपने क्लब या पब खोले और पुलिस को इसकी खबर हुई तो उनके खिलाफ होने वाले एक्शन से कोई नहीं बच पायेगा।
वहीं हैरानी वाली बात है कि जीएमएस रोड में बच्चों के एक सरकारी विद्यालय से चंद गज की दूरी पर बार का संचालन होना इलाके के काफी लोगों को भी लम्बे अर्से से खटक रहा है लेकिन उनमें इतना साहस नहीं कि वह सरकार या सिस्टम के पास जाकर इसकी शिकायत कर सकें। अब जब मुख्यमंत्री ने पब और क्लबों को लेकर अपनी नाराजगी दिखाई है तो कांवली गांव के कुछ लोगों ने बडा एतराज जताया है कि एक सरकारी स्कूल से चंद गज की दूरी पर कैसे किसी इमारत में बार का संचालन हो सकता है? आवाज उठी है कि क्या राज्य के धुरंधर धामी गांववासियों के उस दर्द को सुनकर कोई एक्शन लेंगे कि उन्हें इस बार में आने वाले लोगों की सड़क पर रात को खडी होने वाली गाडियों और लोगों के आक्रामक रूख से उन्हें आजादी दिलायेंगे?

सरकार ने मन्दिर और स्कूलों से मधुशाला और बार को कितनी दूरी पर खोला जा सकता है इसका खाका तैयार किया हुआ है। वहीं अब जीएमएस रोड में कांवली गांव में स्थित शहीद विवेक गुप्ता राजकीय प्राथमिक विद्यालय में छोटे बच्चे पढाई करने के लिए आते हैं और इस स्कूल के ठीक सामने चंद गज की दूरी पर एक बडी इमारत खडी हुई है और वहां के काफी लोगों का कहना है कि इस इमारत की ऊपरी मंजिल पर एक रेस्तरा है और उसमें बार का संचालन भी होता है जिसके चलते इमारत की गली में रात को गाडियों का तांता लग जाता है और वहां से गुजरने वाले लोगों के सामने कई बार बडा संकट खडा हुआ है कि इन गाडियों में आने वाले काफी लोग शराब पीकर वहां हुडदंगबाजी और हो-हल्ला करते हैं लेकिन पुलिस का ध्यान कभी भी यहां होने वाले हो-हल्ले पर नहीं जाता जिसके चलते गांव के लोग रात को अपने घरों की ओर आने में भी कई बार डरते हैं क्योंकि वहां कारें काफी रास्ता रोके रहती हैं।

इलाके के जावेद खान ने कहा कि इस बार में आने वाले काफी लोग रात को शराब पीकर गली में ही गाडियां खडी करते हैं और अकसर यहां दूसरे राज्यों की गाडियां खडी हुई नजर आती हैं जिसके चलते वहां रहने वाले लोगों को काफी तकलीफ होती है। जावेद खान कहते हैं कि अकसर उनके गांव की ओर जाने वाली सड़क पर शराब पीकर काफी लोग बवाल करते हैं और अकसर वहां पुलिस के लोग भी देखे जाते हैं जिसके चलते कोई भी इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए आगे आने का साहस नहीं दिखाता। उन्होंने कहा कि कितनी अजीब बात है कि शिक्षा संस्थान के साथ कैसे बार खुल सकता है यह हैरान करने जैसा है। जावेद खान और इलाके के कुछ लोगों ने कहा कि वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील करते हैं कि वह शिक्षा के मन्दिर की गरिमा को कायम रखते हुए इस बार को बंद करायें तथा उनकी गली में खडी होने वाली गाडियों से गांववासियों को जो लम्बे समय से परेशानी हो रही है उससे वह उन्हें आजादी दिलायें।

