गृह सचिव शैलेश बगौली ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में कठोर धर्मांतरण क़ानून पहले से लागू है तथा समान नागरिक संहिता (UCC) भी पूर्व से प्रभावी है। हाल में संबंधित विधेयकों के ड्राफ्ट में पाई गई कुछ लिपिकीय त्रुटियों के कारण उन्हें सुधार हेतु संबंधित प्रशासकीय विभागों को वापस भेजा गया है। आवश्यक दुरुस्तीकरण के बाद प्रस्तावों को पुनः अनुमोदन हेतु लोक भवन भेजा जाएगा।गृह सचिव ने कहा कि “धर्मांतरण क़ानून और UCC को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम पूरी तरह निराधार है। राज्य सरकार इन दोनों विषयों पर अपने स्पष्ट और सख्त रुख पर कायम है तथा की जा रही प्रक्रिया केवल प्रशासकीय और तकनीकी शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।”
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Thursday, October 29

