पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में उगने वाले चीड़ के पेड़ जिनकी पत्तियों से हर साल हजारों हैक्टर बन भूमि आग से जलकर खाक हो जाती है साथ ही पर्यावरण को भारी नुक़सान पहुंचता है पर अब यह चीड़ की पत्तियां वरदान साबित हो रही है साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार का साधन भी बन रही है दर असल अब इस चीड़ के पेड़ की पत्तियों से प्रदूषण रहित कोयला तैयार किया जा रहा है ओर इस कोयले के चूल्हों की लगातार डिमांड बढ़ रही है इस की खाश बात यह है कि इसकी एक टाईम के खाना बनाने की लागत मात्र 8 रुपए है ओर यह पूर्ण रूप से धूंआ रहित है जिसके कारण यह मंहगे एल पी जी गैस सिलेंडर एवं लकड़ी से बनने वाली रसोई का बड़ा विकल्प सावित हो रहा है उत्तरकाशी में एक महीने के भीतर एक हजार से अधिक लोग इसकी खरीदारी कर चुके हैं ओर कही घरों एवं होम स्टे में इसे आग सेंकने के रूप में भी प्रयोग किया जा रहा है साथ ही चीड़ की पत्तियां जिन्हें जंगलों में लगने वाली आग का सबसे बड़ा कारण माना जाता है उसे ग्रामीण जंगलों से कठ्ठा कर 10 रूपए किलो के हिसाब से प्लांट को बेचकर रोजगार भी कमा रहे हैं
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- SC/ST छात्रवृत्ति घोटाले पर कांग्रेस का हमला, भाजपा पर आरोपियों को बचाने का आरोप
- केदारनाथ आपदा: 13 साल बाद भी झकझोर देती है तबाही की कहानी
- मंत्री रेखा आर्य वाला दलिया-सत्तू इंसान तो क्या जानवर तक नहीं खा रहे: जनसंघर्ष मोर्चा
- “पीटीसी नरेन्द्रनगर में प्रशिक्षु भोजनालय का हुआ उच्चीकरण, डीआईजी यशवन्त सिंह चौहान ने किया लोकार्पण”
- उत्तराखंड STF और पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ड्रोन से हथियार और हेरोइन तस्करी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
- फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर कई IAS और IPS नौकरी कर रहे हैं : एडवोकेट विकेश नेगी
- सांप ने करी बुलेट मोटरसाइकिल की सवारी!
- हरिद्वार में कांग्रेस का भाजपा पर हमला, 12 साल का मोदीनामा बताया झूठ का पुलिंदा
- बैंक भर्ती में करोड़ों की उगाही मामले में मंत्री धन सिंह की बर्खास्तगी को मोर्चा ने बोला हल्ला
- विनोद कश्यप हत्याकांड: तीसरे दिन भी मांगों पर अड़ा परिवार, समझाने में जुटा प्रशासन, पंचनामा और अंतिम संस्कार रुका
Wednesday, June 17

