आस्था के महापर्व छठ को भव्य बनाने की तैयारी को लेकर जिला-प्रशासन की ओर से घाटों की सफाई कराने का आदेश दिया गया है। देहरादून में ऐसा पहली बार होगा, जब तीन स्थलों पर नदियों के किनारे छठ पूजा के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि व्रत करने वालों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। छठ पर्व आज से नहाए-खाए के साथ शुरू हो गया है। यह चार दिवसीय पर्व 28 अक्तूबर (मंगलवार) को ऊषा अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। बिहारी महासभा ने बताया कि छठ की शुरुआत नहाए खाए से होती है। नहाए खाने में सबसे पहले महिलाएं जल तत्व का सेवन करती है। इसके तहत वह जल से भरे हुए सब्जी का सेवन करते हैं। दूसरे दिन खरना के समय चावल और गुड़ का सेवन किया जाता है। गुड़ एक अग्नि तत्व होता है और तीसरे दिन निर्जल उपवास रखकर जल तत्व का सेवन करते हैं। चौथे दिन भोर में अर्घ्य के दौरान वह वायु तत्व का अनुसरण करती है।वही बिहार महासभा के अध्यक्ष लल्लन सिंह के द्वारा भी टपकेश्वर नदी की साफ सफाई कराई गई जिस पर बिहार महासभा के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
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Sunday, November 1

