उत्तराखंड की हरी-भरी वादियां, जहां जंगल और वन्यजीव प्रकृति का अनमोल खजाना हैं। लेकिन आज हम ला रहे हैं एक ऐसी सच्चाई जो आपको हैरान कर देगी। देहरादून के वानप्रभाग कालसी क्षेत्र की टीमली रेंज—हिरण, हाथी, चीता, सांभर और जंगली सुअर का प्राकृतिक ठिकाना—अब कचरे के ढेरों में तब्दील हो रहा है। सहरनपुर रोड के किनारे बिखरा प्लास्टिक, पॉलीथीन और सबसे चौंकाने वाली बात—एक्सपायरी डेट वाली कोल्ड ड्रिंक की बोतलें! यह खुलासा सोशल स्कैन की ग्राउंड जीरो पड़ताल से सामने आया है। आइए, देखते हैं यह खोजी रिपोर्ट।” “सहरनपुर रोड के किनारे जमा यह कचरा महीनों से बढ़ रहा है। एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, जिनमें केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स भरे हैं, वन्यजीवों के लिए जहर का काम कर सकती हैं। हिरण और सांभर जैसे छोटे जानवर प्लास्टिक को भोजन समझकर निगल सकते हैं, जिससे उनकी आंतों में रुकावट या मौत हो सकती है। हाथी और जंगली सुअर, जो भारी मात्रा में कचरा खा सकते हैं, उनके पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान हो सकता है। चीते जैसे शिकारी जानवर एक्सपायरी डेट किया कोल्ड ड्रिंक पी सकते हैं, जो उनके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। यह कचरा न सिर्फ वन्यजीवों को बीमार कर सकता है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डाल सकता है।” “सवाल यह है—इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन? वन विभाग, जिसका दायित्व है इस जंगल की निगरानी और साफ-सफाई, वह अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रहा? सहरनपुर रोड से गुजरने वाले पर्यटक, ट्रक ड्राइवर और राहगीर भी इस गंदगी के लिए कम दोषी नहीं। जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी को सड़क किनारे डस्टबिन लगाकर और जागरूकता अभियान चलाकर इस स्थिति को सुधारने की जरूरत है। सोशल स्कैन इस गंभीर मुद्दे को उठाता रहेगा। अब समय है कि वन विभाग और प्रशासन तुरंत कार्रवाई करें, ताकि उत्तराखंड की यह प्राकृतिक धरोहर बची रहे। दर्शकों से अपील है—जंगल और वन्यजीवों को बचाने के लिए कचरा न फैलाएं, क्योंकि प्रकृति की रक्षा हम सबका कर्तव्य है।
https://youtu.be/Yvf8Ic-pPQU?si=KlhldYSpfaRDKIOM

