उत्तराखंड में इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों की स्थापना को लेकर लंबे समय से विरोध का नेतृत्व कर रहे किच्छा कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने अब एमडी यूपीसीएल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक बेहड़ ने पत्रकार वार्ता में कहा कि एमडी यूपीसीएल भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, और यदि वर्ष 2027 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान मिलता है, तो वे एमडी यूपीसीएल की संपत्ति की CBI जांच कराएंगे।
स्मार्ट मीटरों के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे बेहड़
ज्ञात हो कि प्रदेश भर में लगाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के खिलाफ विधायक तिलकराज बेहड़ शुरू से ही मुखर रहे हैं। पिछले वर्ष किच्छा में जब बिजली विभाग की टीम स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी, तो बेहड़ ने मौके पर पहुंचकर मीटरों को सड़क पर फेंक-फेंककर तोड़ दिया था, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी। इसके बाद रुद्रपुर में अदाणी कंपनी की शव यात्रा निकालकर उन्होंने प्रदर्शन किया था। बेहड़ का आरोप है कि ये मीटर “खून चूसने वाले मीटर” हैं, जो आम जनता के बिजली बिल को कई गुना बढ़ा देंगे।
सरकार के निर्णय के बाद हमला तेज
हाल ही में खुद बिजली विभाग ने फिलहाल स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का निर्णय रोक दिया है। इस फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलकराज बेहड़ ने कहा —
“मैंने तकनीकी तौर पर पहले ही चेतावनी दी थी कि ये मीटर अनाप-शनाप बिल भेजेंगे, जनता की जेब पर बड़ा बोझ बनाएंगे। परंतु सत्ता के अहंकार में सरकार ने मेरी एक न सुनी। विपक्ष के विधायक होने के चलते मेरा मजाक उड़ाया गया।”
बेहड़ ने कहा कि आज जब सरकार खुद स्मार्ट मीटर रोकने का निर्णय ले चुकी है, तो यह साबित हो गया कि उनकी बात सही थी।
एमडी पर लगाया बड़ा आरोप
पत्रकार वार्ता में विधायक बेहड़ ने कहा —
“एमडी यूपीसीएल सिर्फ भ्रष्टाचार के लिए अपनी कुर्सी पर बैठे हैं। उनका काम सिर्फ पैसा वसूलना है, जनता के हितों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।”
“यदि 2027 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आती है और मुझे कैबिनेट में स्थान मिलेगा, तो सबसे पहला काम मैं एमडी यूपीसीएल की संपत्ति की CBI जांच कराकर सत्य सामने लाऊंगा।”
विधायक की बात को गंभीरता से लेना चाहिए — बेहड़
विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का प्रतिनिधि अगर किसी मुद्दे पर आवाज उठाता है, तो उसकी बात को गंभीरता से लेना चाहिए।
“लेकिन सरकार ने विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की। अब जब फैसला बदल दिया गया है, तो जनता समझ चुकी है कि सच्चाई क्या थी।”
प्रदेश में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
स्मार्ट मीटर विवाद और अब एमडी यूपीसीएल पर बेहड़ के आरोप के बाद ऊर्जा विभाग और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
देखना यह होगा कि सरकार विधायक बेहड़ के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आने वाले दिनों में यह मामला कितनी राजनीतिक गर्मी पैदा करता है।

