माननीय करते रहे डीएम साहब को फोन
लोकसभा अध्यक्ष को नहीं मिला प्रोटोकॉल
शासन ने थमाया नोटिस अब निकलेगी हेकड़ी!
राजधानी देहरादून के जिला अधिकारी सविन बंसल जो हमेशा से अपने अकड़ स्वभाव को लेकर चर्चाओं में रहते हैं, लेकिन उनका यह व्यवहार उन्हें शायद ले डूबेगा,
क्योंकि इस बार डीएम साहब ने अपनी अकड़ की किसी आम व्यक्ति को नहीं बल्कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दिखा डाली, जिसके जवाब में उन्हें नोटिस भी कमाया गया, दरअसल लोकसभा अध्यक्ष सोमवीर दोनों 12 जून को मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127 में इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे इस मौके पर एलपीएस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों को उन्होंने संबोधित किया,
आप है कि देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल की तरफ से लोकसभा स्पीकर को जो प्रोटोकॉल मिलना चाहिए था वह नहीं मिला,
डीएम साहब ना तो लोकसभा अध्यक्ष को रिसीव करने पहुंचे और ना ही लोकसभा अध्यक्ष के स्टाफ की तरफ से किए गए 14 से ज्यादा बार फोन का कोई जवाब देना जरूरी समझा,
जिसका नतीजा यह हुआ कि प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर लोकसभा कार्यालय ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा इसके बाद जिलाधिकारी को शासन को नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनके व्यवहार को लेकर तमाम तरह की अब सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि अक्सर देखा जाता है कि जब-जब डीएम साहब निरीक्षण पर निकलते हैं तब वह नजारा किसी फिल्मी सीन से काम नहीं होता, चाहे फिर आम व्यक्ति से बात करने का तरीका हो या फिर किसी अधिकारी या कर्मचारी को समझने का लहजा,
जो साफ दिखता है कि डीएम साहब अपने खडूस व्यवहार से कभी बाज नहीं आने वाले,
मगर अब सोचने वाली बात यह हो जाती है कि जब जिलाधिकारी लोकसभा अध्यक्ष के प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं तो जनता के साथ उनका व्यवहार कैसा होता होगा,
उनके इस व्यवहार के चलते क्या यह काम इंसान अपनी बात उनके सामने बेझिझक रख पता होगा क्या वाकई जिलाधिकारी सविन बंसल अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझते, क्या एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी को यह व्यवहार शोभा देता है यह वह तमाम सवाल है जिनके जवाब डीएम साहब आपको देने होंगे…….

