दमुवाढूँगा भूमि प्रकरण को लेकर विधायक सुमित हृदयेश वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने कुमाऊँ आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है ज्ञापन में उल्लेख किया कि वर्ष 2016 में दमुवाढूँगा क्षेत्र को बंदोबस्ती राजस्व ग्राम घोषित किया गया था। शासनादेश के अनुसार वहाँ पारंपरिक रूप से निवास कर रहे नागरिकों को भूमिधर अधिकार दिए जाने थे, परंतु वर्तमान में प्रशासन द्वारा उन्हीं निवासियों की भूमि को अवैध घोषित कर उन्हें डराने, धमकाने और बेदखल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कृत्य न केवल अनुचित और अवैधानिक है, यह केवल भूमि से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के जीवन, भविष्य और न्याय के अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र के निवासियों के हक़ और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़े हैं और आगे भी डटे रहेंगे।
कुमाऊँ आयुक्त श्री दीपक रावत ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा और सभी को अपने कब्जे के साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर प्रदान किया जाएगा।

