उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार ठोस पहन किए जा रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों की शिकायतें मिल रही हैं कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मरीजों अस्पताल में इलाज की जगह उन्हें अन्य अस्पतालों में रेफर कर रहे हैं। अब उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त करने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। वैसे वे पहले भी ऐसे कई निर्देश दे चुके हैं, जिससे उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके, लेकिन डॉक्टरों की मनमानी हमेशा उनके आदेशों के बीच में आ जाती हैं।
वहीं अब डॉक्टर आर राजेश कुमार ने सरकारी डॉक्टरों की जवाबदेही बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि अब मरीज को रेफर करने से पहले सीएमओ और सीएमएस के हस्ताक्षर अब अनिवार्य होंगे। उत्तराखंड सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को रेफर करने पर अब अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। इसके लिए जल्द ही मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।
ब्रेकिंग न्यूज़ -
- हरिद्वार में नाबालिग लड़कियों से बंधुआ मजदूरी का खुलासा, प्लांट हेड गिरफ्तार
- हरिद्वार में कुंभ मेले के लिए 2 नए पुलों की मंजूरी, ट्रैफिक समस्या का होगा समाधान: सोनिका मेलाधिकारी
- “IVARA Parkland” हरिद्वार के आगे हाईकोर्ट के आदेश भी बेमायने?
- “4 साल बेमिसाल पूरी तरह फेल – मनोज तिवारी का सरकार पर बड़ा हमला”
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले सीएम पुष्कर सिंह धामी, उत्तराखंड आगमन का दिया निमंत्रण
- अब कबाड़ नहीं, कमाई का जरिया है चीड़ की पत्तियां: डीएम
- मुख्यमंत्री ने राम नवमी पर किया कन्या पूजन, प्रदेश की समृद्धि की कामना
- 7 साल बाद भी नहीं बनी लॉ यूनिवर्सिटी, हरक सिंह रावत ने उठाए सवाल
- मुख्यमंत्री ने किया देहरादून – पिथौरागढ़ विमान सेवा का शुभारंभ
- Shri Guru Ram Rai Medical College में सुरक्षित नहीं है मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र और छात्राएं
Friday, March 27

