Author: Social Scan

वक्फ संशोधन बिल कल लोकसभा से पास, पूर्व उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब ने वक्त बोर्ड का किया समर्थन

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­ वर्षा जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। पेयजल के गुणवत्ता की समय – समय पर टेस्टिंग की जाए। आगामी 30 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में जलापूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। वर्षा जल संरक्षण और भू जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जाएं। जल स्रोतों, नदियों और जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिए जन सहयोग लिया जाए और इस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के सुझाव लेकर उनको आगे की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। पेयजल, जल संचय और जल संरक्षण…

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* *वर्षा जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।* *पेयजल के गुणवत्ता की समय – समय पर टेस्टिंग की जाए।* आगामी 30 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में जलापूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। वर्षा जल संरक्षण और भू जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जाएं। जल स्रोतों, नदियों और जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिए जन सहयोग लिया जाए और इस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के सुझाव लेकर उनको आगे की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। पेयजल, जल संचय और जल…

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वर्षा जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। पेयजल के गुणवत्ता की समय – समय पर टेस्टिंग की जाए। आगामी 30 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में जलापूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। वर्षा जल संरक्षण और भू जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जाएं। जल स्रोतों, नदियों और जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिए जन सहयोग लिया जाए और इस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के सुझाव लेकर उनको आगे की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। पेयजल, जल संचय और जल संरक्षण के लिए…

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* *वर्षा जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।* *पेयजल के गुणवत्ता की समय – समय पर टेस्टिंग की जाए।* आगामी 30 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में जलापूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। वर्षा जल संरक्षण और भू जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जाएं। जल स्रोतों, नदियों और जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिए जन सहयोग लिया जाए और इस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के सुझाव लेकर उनको आगे की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। पेयजल, जल संचय और जल…

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* *वर्षा जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।* *पेयजल के गुणवत्ता की समय – समय पर टेस्टिंग की जाए।* आगामी 30 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में जलापूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। वर्षा जल संरक्षण और भू जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जाएं। जल स्रोतों, नदियों और जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिए जन सहयोग लिया जाए और इस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के सुझाव लेकर उनको आगे की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। पेयजल, जल संचय और जल संरक्षण के लिए…

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जल संरक्षण और भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। पेयजल के गुणवत्ता की समय – समय पर टेस्टिंग की जाए। आगामी 30 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में जलापूर्ति के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। वर्षा जल संरक्षण और भू जल स्तर को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाये जाएं। जल स्रोतों, नदियों और जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिए जन सहयोग लिया जाए और इस क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के सुझाव लेकर उनको आगे की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। पेयजल, जल संचय और जल संरक्षण के लिए…

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हल्द्वानी शहर के दो सड़कों का नाम आज से बदल गया है हल्द्वानी की नवाबी रोड आज से अटल पथ के रूप में जानी जाएगी, तो वहीं दूसरी तरफ पनचक्की से आईटीआई तक सड़क का नाम गुरु गोवलकर लेकर मार्ग रखा गया है। मेयर गजराज बिष्ट ने दोनों सड़कों का शुभारंभ किया इस दौरान उन्होंने कहा कि गुलामी की याद दिलाने वाली सड़कों के नाम बदलने का प्रस्ताव नगर निगम के बोर्ड में आया था। जिसके बाद सरकार ने उसे स्वीकार और आज से नाम बदल दिया गया है।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केदारनाथ विधानसभा से पूर्व विधायक मनोज रावत ने प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले के रुद्रपुर गांव में जबरदस्ती गोचर की भूमि पर 220 / 33 केवी उप संस्थान का निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर गांव में आज भी 200 से ऊपर परिवार रहते हैं जिनके पास करीब 500 से ज्यादा पशुधन है। इस गांव में यही एक गोचर भूमि है जिस पर भी निर्माण कार्य हो जाने पर गोचर के लिए कोई भूमि नहीं बचेगी। यही कारण है कि गांव के लोग…

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फायर सीजन शुरू होते ही वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट नजर आ रहा है इसी के मध्य नजर आज जिलाधिकारी पौड़ी डॉकलआशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद पौड़ी में 57 संवेदनशील ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर वन अग्नि की घटनाएं बीते वर्षों में सबसे अधिक हुई है जहां पर जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जा रहे हैं इसके साथ ही इस वर्ष 50 हजार कुंतल पिरूल को एकत्रित करने का लक्ष्य जनपद में रखा गया है जिसे इंडस्ट्रियल एरिया को उपलब्ध…

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डोईवाला शुगर मिल का पेराई सत्र 2024- 25 आज अंतिम चरण में है। और विगत वर्ष की अपेक्षा गत वर्ष मिल ने रिकवरी में पॉइंट3% की बढ़त हासिल की है। डोईवाला शुगर मिल राज्य का पहला मिल है, जिसने इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा चीनी का अधिक उत्पादन किया है। जिसकी वजह क्षेत्र में गन्ने की अधिक पैदावार होना माना जा रहा है। क्योंकि इस इस वर्ष डोईवाला गन्ना समिति ने मील को 30 लाख कुंतल गन्ने का लक्ष्य दिया था, जिसके चलते शुगर मिल ने 27 लाख 75 हजार कुंतल गन्ने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। गन्ने…

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देर रात तक विकास नगर के डाक पत्थर तिराहे पर हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने कई घंटे जमकर बवाल काटा। दरअसल हिमाचल उत्तराखंड बॉर्डर एरिया यमुना नदी में 13 गोवंश अवशेष मिलने का प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं हुआ था, ओर विकास नगर के डाकपत्थर क्षेत्र में एक गोवंश का अवशेष मिलने से एक बार फिर से विकास नगर का माहौल गर्मा गया। देखते ही देखते देर रात तक हिंदूवादी संगठनों से जुड़े सैकड़ो लोगों ने इकट्ठा होकर डाक पत्थर तिराहे पर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। इस दौरान माहौल…

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विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की आगामी यात्रा 2मई से शुरू होने जा रही है, उससे पहले जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों की टीमें यात्रा व्यवस्थाओं को ठीक करने में लगी हैं।ताकि कपाट खुलने से पहले व्यवस्थाएं चाक चौबंद हो सकें। आपको हम तवीरे दिखा रहे हैं किस तरह तैयारियां चल रही हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सड़क मार्ग से लेकर केदारनाथ पैदल रास्तों को युद्ध स्तर पर ठीक किया जा रहा है, तो वहीं DDMA की टीमें निरन्तर पैदल रास्तों पर जमी भारी बर्फ को…

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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून के ऋषिकेश में किए जा रहे अवैध निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अवैध निर्माण पर रोक लगाते हुए 5 अप्रैल को गढ़वाल कमिश्नर को वर्चुअल माध्यम से कोर्ट में पेश यह बताने को कहा है कि मंसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा किस आधार पर प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध निर्माण को कम्पाउंडिंग कर मानचित्र स्वीकृत किया जा रहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 5 अप्रैल की तिथि नियत की है। आपकों बता दे कि ऋषिकेश निवासी पंकज अग्रवाल व अन्य ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा…

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